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Sarkari Naukri Fraud: सरकारी नौकरी का भरोसा, ठगी का खेल, छह राज्यों में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी

Sarkari Naukri Fraud: प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को छह राज्यों में फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले पर बड़ी कार्रवाई की. मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 15 ठिकानों पर छापे मारे गए. यह मामला सैकड़ों युवाओं को भेजे गए फर्जी जॉइनिंग लेटर से जुड़ा है.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: January 9, 2026 16:07:57 IST

Sarkari Naukri Fraud: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को देश के छह राज्यों में फैले एक बड़े फर्जी नौकरी घोटाले के खिलाफ कार्रवाई की है. मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत एजेंसी ने कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह मामला उन सैकड़ों युवाओं से जुड़ा है, जिन्हें सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजे गए थे.

रेलवे से शुरू हुआ, देशभर में फैला नेटवर्क

शुरुआत में यह घोटाला केवल रेलवे भर्ती से जुड़ा माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर इसकी परतें खुलती चली गईं. ED के मुताबिक, इस संगठित गिरोह ने रेलवे के अलावा 40 से अधिक सरकारी विभागों और संस्थानों के नाम का दुरुपयोग किया. इनमें वन विभाग, रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), इंडिया पोस्ट, आयकर विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), बिहार सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण, राजस्थान सचिवालय और कुछ हाई कोर्ट तक शामिल हैं.

सरकारी ईमेल की नकल कर ठगी

जांच में सामने आया कि गिरोह ने फर्जी ईमेल आईडी बनाकर सरकारी डोमेन की हूबहू नकल की. इन्हीं ईमेल अकाउंट्स के जरिए उम्मीदवारों को जॉइनिंग लेटर भेजे जाते थे, जो दिखने में पूरी तरह असली लगते थे. कई मामलों में उम्मीदवारों को भरोसा दिलाने के लिए नकली नियुक्ति पत्रों के साथ ट्रेनिंग और पोस्टिंग की जानकारी भी दी गई.

भरोसा जीतने के लिए दी गई शुरुआती सैलरी

इस घोटाले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि कुछ पीड़ितों को 2 से 3 महीने की शुरुआती सैलरी भी दी गई. उन्हें रेलवे सुरक्षा बल (RPF), टिकट परीक्षक (TTE) और टेक्नीशियन जैसे पदों पर तैनात होने का भ्रम दिया गया. सैलरी मिलने के बाद उम्मीदवारों का भरोसा और गहरा हो गया, जिससे वे किसी शक के बिना मोटी रकम गिरोह को सौंपते रहे.

किन-किन जगहों पर हुई छापेमारी

ED के पटना जोनल ऑफिस के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई. बिहार में मुजफ्फरपुर और मोतिहारी, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, केरल में एर्नाकुलम, पंडालम, अडूर और कोडूर, तमिलनाडु में चेन्नई, गुजरात में राजकोट और उत्तर प्रदेश में गोरखपुर, प्रयागराज व लखनऊ में तलाशी ली गई.

युवाओं के सपनों से खिलवाड़

यह घोटाला केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि उन युवाओं के सपनों से जुड़ा है जो सरकारी नौकरी को सुरक्षित भविष्य का आधार मानते हैं. ED अब इस नेटवर्क से जुड़े लोगों, पैसों के लेन-देन और डिजिटल सबूतों की गहराई से जांच कर रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है.

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Sarkari Naukri Fraud: सरकारी नौकरी का भरोसा, ठगी का खेल, छह राज्यों में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी

Sarkari Naukri Fraud: प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को छह राज्यों में फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले पर बड़ी कार्रवाई की. मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 15 ठिकानों पर छापे मारे गए. यह मामला सैकड़ों युवाओं को भेजे गए फर्जी जॉइनिंग लेटर से जुड़ा है.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: January 9, 2026 16:07:57 IST

Sarkari Naukri Fraud: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को देश के छह राज्यों में फैले एक बड़े फर्जी नौकरी घोटाले के खिलाफ कार्रवाई की है. मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत एजेंसी ने कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह मामला उन सैकड़ों युवाओं से जुड़ा है, जिन्हें सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजे गए थे.

रेलवे से शुरू हुआ, देशभर में फैला नेटवर्क

शुरुआत में यह घोटाला केवल रेलवे भर्ती से जुड़ा माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर इसकी परतें खुलती चली गईं. ED के मुताबिक, इस संगठित गिरोह ने रेलवे के अलावा 40 से अधिक सरकारी विभागों और संस्थानों के नाम का दुरुपयोग किया. इनमें वन विभाग, रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), इंडिया पोस्ट, आयकर विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), बिहार सरकार, दिल्ली विकास प्राधिकरण, राजस्थान सचिवालय और कुछ हाई कोर्ट तक शामिल हैं.

सरकारी ईमेल की नकल कर ठगी

जांच में सामने आया कि गिरोह ने फर्जी ईमेल आईडी बनाकर सरकारी डोमेन की हूबहू नकल की. इन्हीं ईमेल अकाउंट्स के जरिए उम्मीदवारों को जॉइनिंग लेटर भेजे जाते थे, जो दिखने में पूरी तरह असली लगते थे. कई मामलों में उम्मीदवारों को भरोसा दिलाने के लिए नकली नियुक्ति पत्रों के साथ ट्रेनिंग और पोस्टिंग की जानकारी भी दी गई.

भरोसा जीतने के लिए दी गई शुरुआती सैलरी

इस घोटाले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि कुछ पीड़ितों को 2 से 3 महीने की शुरुआती सैलरी भी दी गई. उन्हें रेलवे सुरक्षा बल (RPF), टिकट परीक्षक (TTE) और टेक्नीशियन जैसे पदों पर तैनात होने का भ्रम दिया गया. सैलरी मिलने के बाद उम्मीदवारों का भरोसा और गहरा हो गया, जिससे वे किसी शक के बिना मोटी रकम गिरोह को सौंपते रहे.

किन-किन जगहों पर हुई छापेमारी

ED के पटना जोनल ऑफिस के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई. बिहार में मुजफ्फरपुर और मोतिहारी, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, केरल में एर्नाकुलम, पंडालम, अडूर और कोडूर, तमिलनाडु में चेन्नई, गुजरात में राजकोट और उत्तर प्रदेश में गोरखपुर, प्रयागराज व लखनऊ में तलाशी ली गई.

युवाओं के सपनों से खिलवाड़

यह घोटाला केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि उन युवाओं के सपनों से जुड़ा है जो सरकारी नौकरी को सुरक्षित भविष्य का आधार मानते हैं. ED अब इस नेटवर्क से जुड़े लोगों, पैसों के लेन-देन और डिजिटल सबूतों की गहराई से जांच कर रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है.

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