UPSC Result 2025: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम जारी होते ही एक दिलचस्प ट्रेंड सामने आया है. इस बार टॉप रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों में 39 ऐसे उम्मीदवार शामिल हैं, जो पिछले वर्षों में भी UPSC की फाइनल लिस्ट में जगह बना चुके थे. खास बात यह है कि इन सभी उम्मीदवारों की रैंक 130 के भीतर है, जिससे उनका IAS बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है.
यह ट्रेंड इस बात को दिखाता है कि कई उम्मीदवार पहले चयनित होने के बावजूद संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने बेहतर रैंक हासिल करने के लिए दोबारा परीक्षा दी. इसको लेकर सोशल मीडिया में बहस तेज हो गई है.
‘रैंक इम्प्रूवमेंट अटेम्प्ट’ का बढ़ता ट्रेंड
UPSC में कई बार ऐसा होता है कि उम्मीदवार पहली बार चयनित होने पर IPS, IRS या अन्य ग्रुप-ए सेवाओं में पहुंच जाते हैं. हालांकि कुछ उम्मीदवारों का लक्ष्य खास तौर पर IAS बनना होता है. इसी वजह से वे दोबारा परीक्षा देते हैं और बेहतर रैंक हासिल करने की कोशिश करते हैं. इस प्रक्रिया को आमतौर पर “रैंक इम्प्रूवमेंट अटेम्प्ट” कहा जाता है.
UPSC CSE 2025 के नतीजों में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, करीब 39 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनका नाम 2023 या 2024 की फाइनल मेरिट लिस्ट में भी शामिल रह चुका है. इन उम्मीदवारों ने एक बार फिर परीक्षा देकर अपनी रैंक में बड़ा सुधार किया है.
A look at 2025 rankers who had a rank EITHER in 2023 or 2024 #UPSC
(New rules are so important, everything now makes sense🤯) pic.twitter.com/fYRC6s81sp
— UPSC CSE WHY (@CseWhy) March 6, 2026
अकांक्ष धुल समेत कई नाम पहले भी आ चुके हैं लिस्ट में
इस ट्रेंड का एक प्रमुख उदाहरण अकांक्ष धुल हैं, जिन्होंने इस साल ऑल इंडिया रैंक (AIR) 3 हासिल की है. दिलचस्प बात यह है कि उनका नाम पिछले दो वर्षों की मेरिट लिस्ट में भी आ चुका है.
2024 में रैंक: 295
2023 में रैंक: 342
2025 में रैंक: 3
इसके अलावा इशान आस्था जैन, जीनश्री जसवंत चंद्र और विनीत लोहिदक्षन जैसे उम्मीदवारों के नाम भी पहले की UPSC लिस्ट में शामिल रहे हैं. वहीं लगभग 35 अन्य उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनका नाम 2023 या 2024 के किसी एक परिणाम में दर्ज था.
सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस
इस ट्रेंड के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है. कई लोग इसे मेहनत और धैर्य का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सीटों के नुकसान से जोड़कर देख रहे हैं. दरअसल, अगर पहले से चयनित उम्मीदवार फिर से परीक्षा देकर बेहतर रैंक हासिल करते हैं, तो इससे नई प्रतिभाओं के अवसर कम होने की बहस भी सामने आती है.
नए नियमों के बाद बदल सकती है तस्वीर
UPSC से जुड़े नए नियमों के मुताबिक, यदि कोई उम्मीदवार पहले से IAS सेवा में शामिल हो चुका है, तो वह दोबारा परीक्षा देकर रैंक सुधारने के लिए नहीं बैठ सकेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियम के लागू होने के बाद भविष्य में रैंक इम्प्रूवमेंट के ऐसे मामले कम देखने को मिल सकते हैं.