Propose Day History: कुछ ही दिनों में वैलेंटाइन वीक शुरू होने वाला है. इस वीक के दूसरे दिन को प्रपोज डे के रूप में मनाया जाता है. इस दिन लोग अपने पार्टनर को प्रपोज करते हैं. कुछ लोग अपने घुटनों पर बैठकर इस दिन अपने पार्टनर को अंगूठी पहनाते हैं और उन्हें प्रपोज करते हैं. बीते कुछ सालों से प्रपोज डे का काफी क्रेज बढ़ गया है लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन का इतिहास क्या है और इसे सबसे पहले कब और किसने मनाया?
प्रपोज डे पर पार्टनर को करें प्रपोज
बता दें कि 8 फरवरी को प्रपोज डे मनाया जाता है, जो रोज डे के अगले दिन मनाया जाता है. इस दिन आप अपने प्रेमी या प्रेमिका को प्रपोज कर सकते हैं. इस दिन को रोमांस के उत्सव के हिसाब से मनाया जाता है. प्रपोज डे के दिन को प्यार और भावनाओं को व्यक्त करने के लिए एक सही दिन माना जाता है. इस दिन आप अपने पसंदीदा व्यक्ति को घुटनों पर बैठकर प्रपोज करें. ऐसे में अगर वो आपको थोड़ा भी पसंद करता है, तो आपका पार्टनर कभी मना नहीं करेगा.
क्या है प्रपोज डे का इतिहास?
अगर इस दिन के इतिहास की बात करें, तो साल 1477 में ऑस्ट्रियाई आर्कड्यूक मैक्सिमिलियन ने बरगंडी की मैरी को हीरे की अंगूठी देकर प्रपोज किया था और इस परंपरा को शुरू किया था. इसके अलावा मध्ययुगीन काल यानी नाइटहूड के दौर में एक घुटने पर बैठकर अपनी प्रेमिका को प्रपोज करने की परंपरा होती थी. उस दौरान में घुटने पर बैठकर प्रपोज करने के इस तरीके को पुरुष सम्मान और वफादारी के प्रतीक के रूप में देखते थे. इतना ही नहीं 18वीं और 19वीं शताब्दी में यूरोप और अमेरिका में सगाई के लिए पुरुष अक्सर घुटनों पर बैठकर अंगूठी पहनाकर अपनी प्रेमिका को प्रपोज करते हैं.
क्यों मनाया जाता है प्रपोज डे?
वहीं ये भी कहा जाता है कि जॉन माइकल ओ’लालिन नाम के एक व्यक्ति ने प्रपोज डे की शुरुआत की थी. इसके पीछे एक कहानी भी प्रचलित है कि जॉन माइकल नाम के एक व्यक्ति की चचेरी बहन ने अपने प्रेमी से सभी संबंधों को तोड़ दिया था. इसकी वजह ये थी कि उसके प्रेमी ने उसे प्यार के लिए प्रपोज नहीं किया था. इसके कारण जॉन चाहते थे कि एक दिन को प्रपोज डे बनाया जाना चाहिए. साथ ही उनका कहना था कि अगर आप किसी से सच्चा प्यार करते हैं, तो उसे प्रपोज करने के लिए इंतजार न करें. वक्त रहते ही अपने दिल की बात कहकर रिश्ते में आगे बढ़ें.