188
Vitamin D Deficiency: वैसे तो विडामिन डी की कमी बड़े-बुजुर्गों में देखने को मिलती थी, जिनकी उम्र 60 वर्ष से ज्यादा हो. लेकिन आज के दौर में हर 5 में से 4 व्यक्तियों में इसकी कमी होने का रिपोर्ट में खुलासा हुआ है. विटामिन डी की कमी से मुख्य रूप से आपकी हड्डियों और मांसपेशियों की समस्याएं होती है.
यह शरीर के लिए बहुत जरूरी विटामिन है, जिसका उपयोग शरीर हड्डियों से सही ग्रोथ और रिपेयर के लिए करता है. विटामिन डी आपके तंत्रिका तंत्र , मांसपेशीय-कंकाल प्रणाली और प्रतिरक्षा प्रणाली में भी भूमिका निभाता है.
विटामिन डी की कमी के लक्षण
- हड्डियों के विकास में कमी
- हड्डियों में दर्द
- मांसपेशियां कमजोर होना
- जोड़ों की समस्या
- हड्डियों में दर्द
- थकान
विटामिन डी की कमी क्यों होती है?
- आपके डाइट में पर्याप्त विटामिन डी की कमी
- पर्याप्त मात्रा में सर्य का प्रकाश न मिलना
- शरीर का विटामि डी को सही से अवशोखित नहीं कर पाना
- कुछ मेडिकल स्थिति
- मेडिसिन
विटामिन डी के सोर्स कौन से हैं?
- वसायुक्त मछलियां, जैसे- सैल्मन, टूना, मैकेरल
- अंडा
- मशरूम
- पाश्चराइज्ड दूध
- सोया, बादाम, जई
- कॉटेज चीज
- छाछ
- घी
- टोफू
- धूप
भारतीय आबादी का एक बड़ा हिस्सा विटामिन डी की कमी से जूझ रहा है. यदि इसे समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह आगे के लिए समस्या बढ़ा सकता है. आप आहार परिवर्तन, धूप में रहना या सप्लीमेंट्स के माध्यम से, पर्याप्त विटामिन डी प्राप्त कर स्वास्थ्य परिणामों में काफी सुधार कर सकते हैं.
विटामिन डी एक आवश्यक विटामिन है जिसकी वजह से आपका शरीर सुचारू रुप से कार्य करता है. यदि आपको विटामिन डी की कमी होने का संदेह है या आप इसके लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें.