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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि अगर आप अपने रेडिएटर (हीटिंग सिस्टम) के पीछे किचन फॉयल (एल्युमीनियम फॉयल) लगाते है या उसके ऊपर शेल्फ रखते है, तो घर ज्यादा गर्म रहेगा और बिजली का बिल कम आएगा. लेकिन प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह हैक फायदे से ज्यादा नुकसानदेह है. रेडिएटर के पीछे फॉयल लगाने से गर्मी दीवार और रेडिएटर के बीच फंस जाती है, जिससे वहां नमी (Moisture) जमा होने लगती है. यह नमी धीरे-धीरे दीवारों के अंदर काली फफूंद (Black Mold) पैदा कर देती है, जो सेहत और घर के ढांचे दोनों के लिए बेहद खतरनाक है.
छुपा हुआ खतरा: जब दीवारों के अंदर पनपने लगती है फफूंद
विशेषज्ञों के अनुसार, यह फफूंद शुरुआत में दिखाई नहीं देती क्योंकि यह रेडिएटर के ठीक पीछे दीवारों के भीतर फैलती है. जब तक घर के मालिक को इसका पता चलता है, तब तक दीवारें अंदर से गल चुकी होती है. साधारण फफूंद को साफ करने में ₹40,000 से ₹1 लाख तक का खर्च आता है, लेकिन अगर यह ‘टॉक्सिक ब्लैक मोल्ड’ में बदल जाए, तो पूरे घर की सफाई और मरम्मत का खर्च $30,000 (लगभग ₹25 लाख) तक पहुंच सकता है. इसके अलावा, रेडिएटर के ऊपर शेल्फ रखने से गर्म हवा का फ्लो रुक जाता है, जिससे हीटिंग सिस्टम खराब होने का डर भी बना रहता है.
इंश्योरेंस भी नहीं करेगा मदद: DIY गलतियों का भारी जुर्माना
एक और बड़ी समस्या यह है कि अगर आप सोशल मीडिया हैक्स के चक्कर में अपने घर के स्ट्रक्चर, बिजली की फिटिंग या प्लंबिंग के साथ छेड़छाड़ करते है, तो आपकी होम इंश्योरेंस पॉलिसी रद्द हो सकती है. बीमा कंपनियां अक्सर उन नुकसानों की भरपाई नहीं करतीं जो किसी अनट्रेंड व्यक्ति द्वारा किए गए ‘जुगाड़’ या गलत मरम्मत (DIY Errors) की वजह से होते है. दीवारों में बिना जानकारी के छेद करना या पाइपों में खतरनाक केमिकल डालना आपके घर की मजबूती को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है.
विशेषज्ञों की सलाह: इंटरनेट के 30 सेकंड के वीडियो को देखकर अपने घर के साथ प्रयोग न करें. किसी भी बदलाव से पहले प्रोफेशनल प्लंबर या इंजीनियर की राय जरूर लें.