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Weddings jewellery: भारतीय शादियों की पहचान बहुत लंबे समय से भारी सोने के गहनों से जुड़ी रही है. दुल्हन से लेकर परिवार की महिलाओं तक, सभी एक से बढ़कर एक मोटी चेन, हार, कड़े और झुमकों पहन कर शामिल होते हैं.
लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. नई पीढ़ी की दुल्हनें और खरीदार भारी 22-24 कैरेट सोने के बजाय हल्के, डिजाइनर और बहुउपयोगी आभूषणों को प्राथमिकता दे रहे हैं. लेकिन जैसे-जैसे भारतीय महिलाओं का जीवन विकसित हो रहा है – करियर, देखभाल, यात्रा और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति आभूषणों की भूमिका को नए सिरे से परिभाषित किया जा रहा है.
औपचारिकताओं से रोजमर्रा में बदलाव
अब गहने सिर्फ औपचारिक समारोहों तक ही सीमित नहीं रह गए हैं। महिलाएं ऐसे गहने चाहती हैं जो ऑफिस से लेकर आउटिंग, समारोहों से लेकर यात्रा तक हर जगह उनके साथ रहें.
इटैलियन और 9 से18 कैरेट ज्वेलरी क्यों बनी पसंद?
एक्पर्ट ज्वेलर्स बताते हैं कि इटैलियन कट और मशीन-निर्मित डिजाइन कम सोने में भी ज्यादा भव्य लुक प्रदान करते हैं. इनकी फिनिशिंग बेहद सटीक और चमकदार होती है. बनाए गए नए डिजाइन हल्के होते हैं, लेकिन वॉल्यूम और टेक्सचर की वजह से भारी दिखते हैं. पहले, मंदिर में पहने जाने वाले भारी गहने धन-दौलत का प्रतीक होते थे. अब लोग चोकर या झुमके जैसे हल्के गहने पहनना पसंद करते हैं. सोने की शुद्धता (24 कैरेट) वही है, लेकिन आराम को प्राथमिकता दी जाने लगी है
हल्के आभूषण इतने लोकप्रिय कैसे
विभिन्न पोशाकों और अवसरों के अनुरूप बहुमुखी प्रतिभा वाले गहने मिल रहे हैं. किफायती दाम और बेहतर मूल्य प्रस्ताव पर यह आभूषण आसानी से मिल जाते हैं.
रोजमर्रा के उपयोग के लिए आरामदायक और पहनने में सुगम यह आभूषण काफी पसंद किया जाने लगा है.