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Easter Sunday 2026: क्यों मनाया जाता है इस्टर संडे, क्या है अंडे से कनेक्शन, खास परंपराएं

Easter Sunday 2026: ईसाई धर्म में ईस्टर संडे का विशेष महत्व होता है और इसे यीशु मसीह के पुनरुत्थान के रूप में मनाया जाता है. इस दिन अवसर पर कुछ विशेष परंपराओं का पालन किया जाता है.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: 2026-04-05 13:45:38

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Easter Sunday 2026: ईसाई धर्म में, ईस्टर संडे गुड फ्राइडे के दो दिन बाद मनाया जाता है, और इस साल, ईस्टर संडे 5 अप्रैल, 2026 को मनाया जाएगा. ईसाइयों के लिए यह एक खुशी का अवसर होता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ठीक इसी दिन, यीशु मसीह जो ईश्वर के पुत्र हैं फिर से जीवित हो उठे थे. ईस्टर रविवार पर अंडों को रंगने की एक खास परंपरा है, और ईसाई लोग इस रिवाज को बड़े उत्साह के साथ निभाते हैं. आइए जानते हैं, इस्टर संडे की खास बात.

ईस्टर क्यों मनाया जाता है?

ईस्टर ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे गुड फ्राइडे पर सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद यीशु मसीह के पुनरुत्थान की याद में मनाया जाता है. यह घटना पाप और मृत्यु पर विजय का प्रतीक है, और विश्वासियों को आशा तथा नए जीवन का वादा देती है. बाइबिल के अनुसार, यीशु की कब्र खाली पाई गई थी, जिससे यह संदेश मिला कि वे पुनर्जीवित हो गए हैं.

यह त्योहार शुरुआती ईसाई चर्च के समय से ही मनाया जा रहा है और 325 ईस्वी में नाइसिया की परिषद में इसे औपचारिक रूप दिया गया था. ईस्टर वसंत विषुव के बाद आने वाले पहले पूर्णिमा के बाद के पहले रविवार को मनाया जाता है, जो आमतौर पर मार्च के अंत और अप्रैल के बीच पड़ता है. वर्ष 2026 में, इसे 5 अप्रैल को मनाया जा रहा है.

ईस्टर संडे पर क्यों रंगते हैं अंडे?

ईस्टर संडे के दिन ईस्टर एग्स (अंडों) को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. ईस्टर सप्ताह के दौरान, मांस और शराब का सेवन वर्जित होता है; हालांकि, अंडों को रंगने की एक परंपरा है. यह एक ऐसा रिवाज है जो 13वीं सदी से चला आ रहा है. 13वीं सदी में, ईस्टर सप्ताह के दौरान मुर्गियों के अंडों को पवित्र माना जाता था और उन्हें आशा की एक नई किरण के प्रतीक के रूप में रंगा जाता था.

ऐसा कहा जाता है कि जिस तरह अंडे के भीतर से एक नया जीवन निकलता है, ठीक उसी तरह यीशु मसीह भी पुनर्जीवित हुए थे. यही कारण है कि ईस्टर संडे के दिन ईस्टर एग्स को सजाने की परंपरा आज भी निभाई जाती है.

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Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: 2026-04-05 13:45:38

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Easter Sunday 2026: ईसाई धर्म में, ईस्टर संडे गुड फ्राइडे के दो दिन बाद मनाया जाता है, और इस साल, ईस्टर संडे 5 अप्रैल, 2026 को मनाया जाएगा. ईसाइयों के लिए यह एक खुशी का अवसर होता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ठीक इसी दिन, यीशु मसीह जो ईश्वर के पुत्र हैं फिर से जीवित हो उठे थे. ईस्टर रविवार पर अंडों को रंगने की एक खास परंपरा है, और ईसाई लोग इस रिवाज को बड़े उत्साह के साथ निभाते हैं. आइए जानते हैं, इस्टर संडे की खास बात.

ईस्टर क्यों मनाया जाता है?

ईस्टर ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे गुड फ्राइडे पर सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद यीशु मसीह के पुनरुत्थान की याद में मनाया जाता है. यह घटना पाप और मृत्यु पर विजय का प्रतीक है, और विश्वासियों को आशा तथा नए जीवन का वादा देती है. बाइबिल के अनुसार, यीशु की कब्र खाली पाई गई थी, जिससे यह संदेश मिला कि वे पुनर्जीवित हो गए हैं.

यह त्योहार शुरुआती ईसाई चर्च के समय से ही मनाया जा रहा है और 325 ईस्वी में नाइसिया की परिषद में इसे औपचारिक रूप दिया गया था. ईस्टर वसंत विषुव के बाद आने वाले पहले पूर्णिमा के बाद के पहले रविवार को मनाया जाता है, जो आमतौर पर मार्च के अंत और अप्रैल के बीच पड़ता है. वर्ष 2026 में, इसे 5 अप्रैल को मनाया जा रहा है.

ईस्टर संडे पर क्यों रंगते हैं अंडे?

ईस्टर संडे के दिन ईस्टर एग्स (अंडों) को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. ईस्टर सप्ताह के दौरान, मांस और शराब का सेवन वर्जित होता है; हालांकि, अंडों को रंगने की एक परंपरा है. यह एक ऐसा रिवाज है जो 13वीं सदी से चला आ रहा है. 13वीं सदी में, ईस्टर सप्ताह के दौरान मुर्गियों के अंडों को पवित्र माना जाता था और उन्हें आशा की एक नई किरण के प्रतीक के रूप में रंगा जाता था.

ऐसा कहा जाता है कि जिस तरह अंडे के भीतर से एक नया जीवन निकलता है, ठीक उसी तरह यीशु मसीह भी पुनर्जीवित हुए थे. यही कारण है कि ईस्टर संडे के दिन ईस्टर एग्स को सजाने की परंपरा आज भी निभाई जाती है.

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