What is DADT Relationship: आज का वर्तमान समय काफी आधुनिक रहा है. वक्त के साथ-साथ रिलेशनशिप का स्टैंडर्ड भी बदलता जा रहा है. यह बदलाव हमारे रोमांस और आपसी रिश्तों सहित लगभग हर चीजों में दिखाई देता है. कैजुअल डेटिंग से लेकर सिचुएशनशिप और नॉन-मोनोगैमी तक डेटिंग पूरी तरह से एक अलग खेल है और डेटिंग की दुनिया में बढ़ते ट्रेंड्स में से एक है DADT रिलेशनशिप.
DADT का मतलब है ‘पूछो मत, बताओ मत’. रोमांटिक रिश्तों में DADT एक आपसी सहमति वाला नॉन-मोनोगैमस अरेंजमेंट है, जहां पार्टनर एक-दूसरे के साथ डिटेल्स शेयर किए बिना बाहरी रोमांटिक या सेक्शुअल रिश्ते रखने के लिए सहमत होते हैं. यह अपरंपरागत ट्रेंड डेटिंग की दुनिया में ध्यान खींच रहा है, जो आखिरकार इसमें शामिल लोगों को आज़ादी देता है.
क्या होता है DADT रिलेशनशिप का मतलब? (What does a DADT relationship mean?)
पारंपरिक डेटिंग में पारदर्शिता एक बहुत बड़ा पहलू है, हालांकि, यहां पार्टनर उस पारदर्शिता को न रखने के लिए सहमत होते हैं, लेकिन वे धोखा भी नहीं दे रहे होते हैं. DADT रिश्ते ओपन या पॉलीअमोरस रिश्तों के समान होते हैं, जहां कपल्स को रिश्ते के बाहर के लोगों के साथ सेक्शुअल रिश्ते या इमोशनल जुड़ाव रखने की अनुमति होती है, लेकिन वे खास डिटेल्स शेयर नहीं करते हैं. DADT रिश्तों में प्राइमरी पार्टनर को पता होता है कि उसके पार्टनर का किसी और के साथ इमोशनल या सेक्शुअल रिश्ता है, फिर भी उनके बीच का रिश्ता कुछ हद तक खास होता है.
आपसी सहमति है जरूरी (Mutual consent is necessary)
इस रिश्ते में आपसी सहमति जरूरी है. जहां दोनों पार्टनर अरेंजमेंट पर सहमत होते हैं और पहले से ही सीमाएं और उम्मीदें तय कर लेते हैं. हालांकि दूसरे रिश्तों के होने की डिटेल्स का खुलासा नहीं किया जाता है, फिर भी पारदर्शिता जरूरी है. रिश्ते में दूसरे बाहरी लोगों के होने के बावजूद प्राइमरी रिश्ता ही मुख्य फोकस रहता है. पूरे एग्रीमेंट के बारे में बातचीत जरूरी है. हालांकि बाहरी पार्टनर या एक्टिविटीज की खास बातों को जानबूझकर छोड़ दिया जाता है. कुछ कपल्स को लगता है कि ऐसा अरेंजमेंट उन्हें प्राइमरी रिश्ते में जलन और गैर-जरूरी झगड़ों से बचने में मदद करता है.
DADT रिलेशनशिप में आजादी का एहसास होता है (The DADT relationship provides a feeling of freedom)
DADT रिश्ते की सबसे बड़ी खासियत में से एक है रिश्ते के अंदर आज़ादी का एहसास. कुछ लोगों के लिए मोनोगैमी पाबंदियों वाली लगती है और DADT एक बीच का रास्ता देता है जो कमिटमेंट को छोड़े बिना व्यक्तिगत इच्छाओं को पूरा करता है. DADT रिश्ता उन कपल्स के लिए सही हो सकता है जो ओपन रिलेशनशिप पसंद करते हैं और रिश्ते में आजादी और स्वतंत्रता पसंद करते हैं. बिना एक्सक्लूसिव हुए फिर भी उसका सार रखते हुए. हालांकि यह ट्रेंड बढ़ रहा है, लेकिन यह हर किसी के लिए नहीं है. ईमानदार बातचीत और प्राथमिकताओं और सीमाओं पर चर्चा करना DADT रिश्तों को समझने में मददगार हो सकता है.
DADT रिलेशनशिप में क्या नुकसान है? (What are the disadvantages of a DADT relationship?)
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि DADT (डोंट आस्क, डोंट टेल) रिश्ता तभी सफल होता है जब कपल मैच्योर हों, एक-दूसरे को अच्छे से समझते हों, ईगो क्लैश से बचें और पॉजिटिव सोच रखें. हालांकि, DADT रिश्तों के टूटने की संभावना ज्यादा होती है क्योंकि पार्टनर्स के बीच कम्युनिकेशन गैप होता है. जब सवाल पूछे और जवाब नहीं दिए जाते, तो करीबी का एहसास पैदा नहीं होता, जिससे इमोशनल दूरी बढ़ जाती है.
अगर एक पार्टनर अपनी भावनाएं शेयर करना चाहता है, तो दूसरा उन्हें नजरअंदाज कर सकता है. इससे बेवफाई की संभावना भी बढ़ जाती है क्योंकि कोई इमोशनल बॉन्डिंग नहीं होती. इमोशनली सेंसिटिव लोग ऐसे पार्टनर पसंद करते हैं जो ध्यान से सुनें और हर कदम पर उनका साथ दें. DADT रिश्ते में कम्युनिकेशन की कमी कपल्स को अपनी समस्याओं को सुलझाने से रोकती है, और इंटीमेसी पर भी असर पड़ता है.