Diet vs Weight-Loss Injections vs Bariatric Surgery: मोटापा कम करना आज भी कई लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. जब दुनिया भर में 57% वयस्क मोटापे या अधिक वजन से परेशान हैं, तो चर्चा का रुख बदलते ही है. यह न सिर्फ डाइट पर, बल्कि दीर्घकालिक चयापचय हेल्थ पर केंद्रित हो जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की 2025 वैश्विक मोटापा रिपोर्ट के मुताबिक, 1975 से मोटापे की दर लगभग तीन गुना बढ़ गई है, और अधिक वजन अब हार्ड डिजीज, डायबिटीजलिवर फेलियोर, इंफेक्शन से होने वाली मौतों में से कम से कम दस में से एक मौत के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ है.
अगर आप दस लोगों से पूछेंगे कि उन्होंने अपना वजन कैसे कम किया, तो आपको दस अलग-अलग तरह के जवाब मिलेंगे, जिनमें सख्त डाइटिंग से लेकर अत्याधुनिक जीएलपी-1 वजन घटाने वाले इंजेक्शन और वजन घटाने की सर्जरी तक शामिल हैं.
2026 में, मेटाबोलिक मेडिसिन, जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट जैसी दवाएं, जो कभी आपके डायबिटीज के लिए काम करती थीं, अब वह वेट मैनेजमेंट के लिए निर्धारित की जा रही हैं, और अमेरिकन सोसाइटी फॉर मेटाबोलिक एंड बेरिएट्रिक सर्जरी के रिसर्च में यह पाया गया है कि पर्याप्त, स्थायी वजन घटाने के लिए सर्जरी दवाओं से अच्छा प्रदर्शन कर सकती है. ध्यान रहे, इनमें से कोई भी उपकरण अकेले काम नहीं करता है.
मोटाप कम होना केवल डाइट छोड़ने से संभव नहीं
जब लोग वजन कम करने के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले उनके दिमाग में डाइट के बारे में ख्याल आता है. डॉक्टर कहते हैं कि वजन नियंत्रण केवल पाबंदियों से ही संभव नहीं है. मोटापे से प्रभावित व्यक्तियों के पास उपचार के कई विकल्प मौजूद हैं, जिनमें पारंपरिक डाइट विधियां, वेट लॉस वाले इंजेक्शन और बैरिएट्रिक सर्जरी शामिल हैं.
कोई भी एक ट्रीटमेंट सभी के लिए बेस्ट नहीं
डाइट एक्सपर्ट बताते हैं कि, कोई भी एक ट्रीटमेंट सभी के लिए बेस्ट नहीं है, क्योंकि सफलता आनुवंशिकी, हार्मोन, चयापचय, चिकित्सीय स्थितियों और जीवनशैली विकल्पों पर निर्भर करती है.
भूख को दबाने वाले इंजेक्शन
फिलहाल, भूख को दबाने और चयापचय संकेतों को संशोधित करने वाले इंजेक्शन, खासकर ग्लूकागॉन-लाइक पेप्टाइड-1 (जीएलपी-1) रिसेप्टर एगोनिस्ट जैसे सेमाग्लूटाइड (वेगोवी) और तिरजेपाटाइड (जेपबाउंड), हाल के वर्षों में वजन घटाने के सबसे ज्यादा चर्चों वाले ट्रीटमेंट में से एक बनकर उभरे हैं