Bhang Chutney: पहाड़ी इलाकों में भाांग की चटनी काफी फेमस है. ये वहां का कल्चरल डिश में से एक है. इसे बड़े ही स्वाद के साथ खाया जाता है. उत्तराखंड की प्रसिद्ध भांग की चटनी भांग के बीजों, लहसुन, हरी मिर्च और नींबू के साथ बनती है. ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. ये प्रोटीन और ओमेगा फैटी एसिड से भरपूर होती है. इसे ज्यादातर सर्दियों में खाया जाता है क्योंकि ये शरीर को गर्माहट देता है. अक्सर लोगों को लगता है कि ये भांग की चटनी है, तो इसमें नशा होता होगा. हालांकि ऐसा नहीं है क्योंकि भांग के पत्तों में नशा होता है, उनके बीजों में नहीं. इसके बावजूद इसका ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है.
भांग की चटनी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
भांग की चटनी बनाने के लिए 4 से 5 चम्मच भांग के बीज, कुछ लहसुन की कलियां, हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा, नींबू का रस और स्वादानुसार नमक की जरूरत पड़ती है.
कैसे बनाएं भांग की चटनी?
सबसे पहले 2 से 3 चम्मच भांग के बीजों को तवे पर धीमी आंच पर हल्का भूरा होने तक भूनें. इसके बाद इसे बीजों को ठंडा करके सिल बट्टे में पीसें. इसमें आपको 2-3 हरी मिर्च, 4-5 लहसुन की कलियां, हरा धनिया और स्वादानुसार नमक डालकर पीस लें. अब इसमें आधा नींबू का रस मिलाना है और चटनी तैयार है.
भांग की चटनी के फायदे
भांग के बीजों में प्रोटीन, फाइबर और विटामिन ई पाए जाते हैं. इसका सेवन करने से पाचन तंत्र सही रहता है और जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है. साथ ही सूजन से भी राहत मिलती है. इसमें ओमेगा फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहतर है. इसके अलावा ये त्वचा के लिए भी अच्छा होता है. ये शरीर को गर्म रखता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मददगार करता है.
भांग की चटनी खाने से पहले बरतें सावधानियां
भांग की चटनी को सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. इसे ज्यादा खाने से नशा हो सकता है. इसे खाने से घबराहट हो सकती है और चक्कर भी आ सकते हैं. कुछ लोगों को भांग के बीजों से एलर्जी हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतनी जरूरी है. इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किडनी की समस्या से परेशान लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए.
यह स्टोरी केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इसका इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें. किसी भी तरह की समस्या होने पर विशेषज्ञ से सलाह लें. इंडिया न्यूज किसी भी नुकसान या परेशानी के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.