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Flying Bulldog: बड़े जबड़े, रंग काला और डरावना आकार, दुनिया की सबसे बड़ी मधुमक्खी ‘फ्लाइंग बुलडॉग’ के बारे में कितना जानते हैं आप

flying bulldog : दुनिया की सबसे विशाल और उम्रदराज मधुमक्खी को 'फ्लाइंग बुलडॉग' कहा जाता है. यह मधुमक्खी कैसे अन्य से अलग है? यह जानना और समझना बेहद रोचक है.

Written By: JP YADAV
Last Updated: January 1, 2026 10:34:01 IST

Flying Bulldog: कभी ना कभी आपने मधुमक्खियों के शहद का स्वाद जरूर लिया होगा. ऐसे में मधुमक्खियों के बारे में यह आम जानकारी है कि वह एकमात्र ऐसा जीव हैं, जो शहद तैयार करती हैं. मधुमक्खी ही एकमात्र ऐसा जीव है जो फूलों का रस चूस कर शहद बनाती हैं. मधुमक्खियों की 20,000 से ज्यादा प्रजातियां पूरी दुनिया में पाई जाती है. भारत की बात करें तो यहां पर सिर्फ 4 प्रजातियां ही मिलती हैं. हैरत की बात यह है कि मधुमक्खियां 1 किलो शहद बनाने में लगभग 40 लाख फूलों का रस चूसती हैं. इस स्टोरी में हम आपको बताएंगे दुनिया की सबसे बड़ी मधुमक्खी के बारे में जिसे ‘फ्लाइंग बुलडॉग’ कहा जाता है. 

किसने की खोज

करबी 160 साल से भी पहले ब्रिटिश प्रकृतिवादी अल्फ्रेड रसेल वालेस ने इस मधुमक्खी की खोज की थी, लेकिन यह दशकों तक नज़र से गायब रही. हैरत की बात यह है कि  वैज्ञानिक और खोजकर्ता दोनों ही इसे ढूंढ़ नहीं पाए. वॉलेस की विशाल मधुमक्खी से को ही दुनिया की सबसे बड़ी मधुमक्खी माना जाता है.  इसे दूसरे नाम यानी ‘फ्लाइंग बुलडॉग’ के नाम से जानते हैं. यह दुनिया की सबसे बड़ी मधुमक्खी है और कीड़ों के साम्राज्य में सबसे आकर्षक जीवों में से एक है. वर्ष 2019 में इंडोनेशिया के उत्तरी मोलुकास द्वीप पर ग्लोबल वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन (GWC) ने एक पहल की. इसके बाद द सर्च फॉर लॉस्ट स्पीशीज़ की एक सर्च टीम ने इसकी फिर से खोज की. 

कितनी बड़ी है मधुमक्खी

विशाल आकार, डरावनी भिनभिनाहट और मज़बूत बनावट के कारण ही इसे ‘फ्लाइंग बुलडॉग’नाम दिया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रजाति की मादाओं की लंबाई 1.5 इंच (3.8 सेमी) तक हो सकती है. ये शहद की मक्खी से लगभग चार गुना बड़ी होती है. इसके साथ ही इनके पंखों का फैलाव लगभग 2.5 इंच (6.3 सेमी) होता है. इसका मतलब यह है कि यह मधुमक्शी अगर किसी इंसान पर झपट्टा मार दे तो उसकी जान भी जा सकती है. वजह यह है कि बड़े जबड़ों और काले कवच वाले शरीर के साथ इसकी बनावट ही डरावनी है. ‘फ्लाइंग बुलडॉग’की बात करें तो यह मधुमक्खी बगीचे में परागण करने वाली मधुमक्खी की तुलना में उड़ने वाले टैंक जैसी ज़्यादा दिखती है.

कहां रहती है मधुमक्खी

जाने-माने फोटोग्राफर क्ले बोल्ट वर्ष 2019 में द गार्जियन को बताया था कि यह प्रजाति कितनी सुंदर और बड़ी है? पहली बार इसकी तस्वीर लेने वाले क्ले बोल्ट का कहना है कि जब यह उनके सिर के पास से गुज़री तो इसके विशाल पंखों की आवाज़ सुनना अविश्वसनीय था. कुल मिलाकर शुरू  में उन्हें यकीन ही नहीं आया और वह कुछ देर के लिए डर भी गए थे. बड़े जबड़ों और काले बख्तरबंद शरीर वाली यह मधुमक्खी बगीचे में फूलों का परागण करने वाली मधुमक्खी से ज़्यादा उड़ने वाले टैंक जैसी दिखती है. मिली जानकारी के अनुसार, वॉलेस की विशाल मधुमक्खी (मेगाचाइल प्लूटो) सिर्फ़ इंडोनेशिया के निचले इलाकों के जंगलों में रहती है. खासकर उत्तरी मोलुकास में इसे पाया जाता है. यह अकेली रहने वाली मधुमक्खी है, जिसका मतलब है कि यह शहद वाली मधुमक्खियों या भौंरों की तरह छत्ते नहीं बनाती है.

कैसा है इसका घर

‘फ्लाइंग बुलडॉग’मधुमक्खी की बात करें तो इसका घर साधारण मधुमक्खी के घोंसले जैसा नहीं होता. यह प्रजाति दीमक के सक्रिय टीलों में घोंसला बनाती है. अपने बड़े और मजबूत जबड़ों के जरिये यह पेड़ों का गोंद खुरचती है और चैंबरों को लाइन करती है. ऐसा करने का मकसद मधुमक्खी और अपने बच्चों के लिए एक वॉटर-प्रूफ सुरक्षित जगह बनाना है.  वैज्ञानिकों का भी मानना ​​है कि यह घोंसला बनाने की रणनीति मधुमक्खी को शिकारियों और कठोर पर्यावरणीय तत्वों से बचाती है. वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि वर्ष 2019 में फिर से खोजे जाने से पहले  आखिरी बार इसे 1981 में देखा गया था.  इसके बाद फिर से खोजे जाने से पहले एक डिस्प्ले केस में रखे नमूने की तस्वीरें eBay पर दिखाई दी थीं. वहीं, BBC वाइल्डलाइफ मैगज़ीन के अनुसार, यह $9,100 में बिक रही थीं.

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Flying Bulldog: बड़े जबड़े, रंग काला और डरावना आकार, दुनिया की सबसे बड़ी मधुमक्खी ‘फ्लाइंग बुलडॉग’ के बारे में कितना जानते हैं आप

flying bulldog : दुनिया की सबसे विशाल और उम्रदराज मधुमक्खी को 'फ्लाइंग बुलडॉग' कहा जाता है. यह मधुमक्खी कैसे अन्य से अलग है? यह जानना और समझना बेहद रोचक है.

Written By: JP YADAV
Last Updated: January 1, 2026 10:34:01 IST

Flying Bulldog: कभी ना कभी आपने मधुमक्खियों के शहद का स्वाद जरूर लिया होगा. ऐसे में मधुमक्खियों के बारे में यह आम जानकारी है कि वह एकमात्र ऐसा जीव हैं, जो शहद तैयार करती हैं. मधुमक्खी ही एकमात्र ऐसा जीव है जो फूलों का रस चूस कर शहद बनाती हैं. मधुमक्खियों की 20,000 से ज्यादा प्रजातियां पूरी दुनिया में पाई जाती है. भारत की बात करें तो यहां पर सिर्फ 4 प्रजातियां ही मिलती हैं. हैरत की बात यह है कि मधुमक्खियां 1 किलो शहद बनाने में लगभग 40 लाख फूलों का रस चूसती हैं. इस स्टोरी में हम आपको बताएंगे दुनिया की सबसे बड़ी मधुमक्खी के बारे में जिसे ‘फ्लाइंग बुलडॉग’ कहा जाता है. 

किसने की खोज

करबी 160 साल से भी पहले ब्रिटिश प्रकृतिवादी अल्फ्रेड रसेल वालेस ने इस मधुमक्खी की खोज की थी, लेकिन यह दशकों तक नज़र से गायब रही. हैरत की बात यह है कि  वैज्ञानिक और खोजकर्ता दोनों ही इसे ढूंढ़ नहीं पाए. वॉलेस की विशाल मधुमक्खी से को ही दुनिया की सबसे बड़ी मधुमक्खी माना जाता है.  इसे दूसरे नाम यानी ‘फ्लाइंग बुलडॉग’ के नाम से जानते हैं. यह दुनिया की सबसे बड़ी मधुमक्खी है और कीड़ों के साम्राज्य में सबसे आकर्षक जीवों में से एक है. वर्ष 2019 में इंडोनेशिया के उत्तरी मोलुकास द्वीप पर ग्लोबल वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन (GWC) ने एक पहल की. इसके बाद द सर्च फॉर लॉस्ट स्पीशीज़ की एक सर्च टीम ने इसकी फिर से खोज की. 

कितनी बड़ी है मधुमक्खी

विशाल आकार, डरावनी भिनभिनाहट और मज़बूत बनावट के कारण ही इसे ‘फ्लाइंग बुलडॉग’नाम दिया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रजाति की मादाओं की लंबाई 1.5 इंच (3.8 सेमी) तक हो सकती है. ये शहद की मक्खी से लगभग चार गुना बड़ी होती है. इसके साथ ही इनके पंखों का फैलाव लगभग 2.5 इंच (6.3 सेमी) होता है. इसका मतलब यह है कि यह मधुमक्शी अगर किसी इंसान पर झपट्टा मार दे तो उसकी जान भी जा सकती है. वजह यह है कि बड़े जबड़ों और काले कवच वाले शरीर के साथ इसकी बनावट ही डरावनी है. ‘फ्लाइंग बुलडॉग’की बात करें तो यह मधुमक्खी बगीचे में परागण करने वाली मधुमक्खी की तुलना में उड़ने वाले टैंक जैसी ज़्यादा दिखती है.

कहां रहती है मधुमक्खी

जाने-माने फोटोग्राफर क्ले बोल्ट वर्ष 2019 में द गार्जियन को बताया था कि यह प्रजाति कितनी सुंदर और बड़ी है? पहली बार इसकी तस्वीर लेने वाले क्ले बोल्ट का कहना है कि जब यह उनके सिर के पास से गुज़री तो इसके विशाल पंखों की आवाज़ सुनना अविश्वसनीय था. कुल मिलाकर शुरू  में उन्हें यकीन ही नहीं आया और वह कुछ देर के लिए डर भी गए थे. बड़े जबड़ों और काले बख्तरबंद शरीर वाली यह मधुमक्खी बगीचे में फूलों का परागण करने वाली मधुमक्खी से ज़्यादा उड़ने वाले टैंक जैसी दिखती है. मिली जानकारी के अनुसार, वॉलेस की विशाल मधुमक्खी (मेगाचाइल प्लूटो) सिर्फ़ इंडोनेशिया के निचले इलाकों के जंगलों में रहती है. खासकर उत्तरी मोलुकास में इसे पाया जाता है. यह अकेली रहने वाली मधुमक्खी है, जिसका मतलब है कि यह शहद वाली मधुमक्खियों या भौंरों की तरह छत्ते नहीं बनाती है.

कैसा है इसका घर

‘फ्लाइंग बुलडॉग’मधुमक्खी की बात करें तो इसका घर साधारण मधुमक्खी के घोंसले जैसा नहीं होता. यह प्रजाति दीमक के सक्रिय टीलों में घोंसला बनाती है. अपने बड़े और मजबूत जबड़ों के जरिये यह पेड़ों का गोंद खुरचती है और चैंबरों को लाइन करती है. ऐसा करने का मकसद मधुमक्खी और अपने बच्चों के लिए एक वॉटर-प्रूफ सुरक्षित जगह बनाना है.  वैज्ञानिकों का भी मानना ​​है कि यह घोंसला बनाने की रणनीति मधुमक्खी को शिकारियों और कठोर पर्यावरणीय तत्वों से बचाती है. वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि वर्ष 2019 में फिर से खोजे जाने से पहले  आखिरी बार इसे 1981 में देखा गया था.  इसके बाद फिर से खोजे जाने से पहले एक डिस्प्ले केस में रखे नमूने की तस्वीरें eBay पर दिखाई दी थीं. वहीं, BBC वाइल्डलाइफ मैगज़ीन के अनुसार, यह $9,100 में बिक रही थीं.

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