Glass skin vs healthy skin: सोशल मीडिया पर ग्लोइंग स्किन और ग्लास स्किन का ट्रेंड चल रहा है. ऐसी स्किन को अक्सर हेल्दी बताया जाता है. हालांकि डर्मटॉलॉजिस्ट्स का कहना इससे काफी अलग है.
ग्लास स्किन बनाम हेल्दी स्किन
Glass skin vs healthy skin: जैसे ही हम सोशल मीडिया खोलते हैं, तो कुछ रील्स स्क्रॉल करने के बाद फीड में स्किन केयर की टिप्स आ जाती हैं. सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ग्लास स्किन पाने के टिप्स और ट्रिक्स शेयर करते हैं. ग्लास स्किन ट्रेंड ने बिना पोर्स वाली, सॉफ्ट और ग्लोइंग स्किन को पॉपुलर ब्यूटी गोल बना दिया है. सोशल मीडिया अक्सर इस लुक को हेल्दी स्किन की पहचान बताता है. हालांकि असलियत इससे काफी दूर है. हिंदुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार, Keynu Aesthetics की मेडिकल डायरेक्टर और फाउंडर डॉ. सोनिया गुप्ता ने हेल्दी स्किन कैसी दिखती है, इसके बारे में बताया है.
डॉ. सोनिया के अनुसार, ऑनलाइन पोस्ट से अक्सर ऐसा लगता है कि अच्छी स्किन चमकदार, ब्राइट और बिना पोर्स वाली होनी चाहिए. हालांकि असल ज़िंदगी में स्किन इतनी सिंपल नहीं होती. आपको पोर्स, बारीक लाइनें, खुरदरी जगहें और कभी-कभार पिंपल दिख सकते हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि आपकी स्किन में कुछ गड़बड़ है.
DermaPuritys की CEO ललिता आर्या का कहना है कि पोर्स, बारीक लाइनें, पिगमेंटेशन, मुंहासों के निशान और कभी-कभार होने वाले ब्रेकआउट आम बात है. हेल्दी स्किन का हर लाइट या फ़िल्टर में बेदाग दिखना ज़रूरी नहीं है. उनका यह भी मानना है कि परफेक्ट फ़िनिश के पीछे भागने के बजाय स्किन की हेल्थ पर ध्यान देना चाहिए.
ललिता आर्या का मानना है कि जब स्किन अच्छी तरह हाइड्रेटेड होती है और उसकी सही तरीके से देखभाल की जाती है, तो उस पर एक हल्की चमक दिखती है. मुश्किल तब होती है जब लोग अपने चेहरे की तुलना एडिट की हुई तस्वीरों से करते हैं और तय कर लेते हैं कि स्किन के नॉर्मल टेक्सचर को ठीक करने की ज़रूरत है.
हेल्दी स्किन वह है जो ठीक से काम कर रही हो. यह आरामदायक होनी चाहिए, हाइड्रेटेड रहनी चाहिए और इसकी सुरक्षा करने वाली परत मज़बूत होनी चाहिए. इसमें पोर्स दिख सकते हैं या स्किन का रंग एक जैसा नहीं हो सकता है. इसका मतलब यह नहीं है कि स्किन अनहेल्दी है. समस्या तब शुरू होती है जब लोग ऑनलाइन ट्रेंड को कॉपी करने के चक्कर में बहुत ज़्यादा एक्सफोलिएंट, पील या एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल करने लगते हैं. इसके कारण त्वचा में रूखापन, जलन और स्किन बैरियर जैसे नुकसान हो सकते हैं.
डॉ. सोनिया के अनुसार, लोग अक्सर ग्लो को ज़्यादा प्रोडक्ट्स, कड़े ट्रीटमेंट और बार-बार सैलून जाने से जोड़ते हैं. हालांकि आपकी स्किन को लगातार दबाव या ठीक करने की कोशिश करने की जरूरत नहीं होती है. कुछ मामलों में सिंपल रूटीन ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है. इसके लिए आपको केवल एक जेंटल क्लींज़र से शुरुआत करनी है. इसके अलावा एक ऐसा मॉइस्चराइज़र लगाएं, जो आपकी स्किन को सूट करे. फिर रोज सन प्रोटेक्शन के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. इतना सा रूटीन आपकी स्किन के लिए बहुत फ़ायदेमंद हो सकता है.
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