Who is Ram Mandir Trust CEO: रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ नियुक्त किया गया है. उनके साथ ही नए ट्रस्टी के तौर पर तीन अन्य लोगों को नियुक्त किया गया है. आइए जानते हैं इन लोगों के बारे में...
राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा
Who is Ram Mandir Trust CEO: राम मंदिर में दान में कथित हेराफेरी के बाद ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को राम मंदिर के लिए रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला फुल-टाइम चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी CEO नियुक्त किया है. जानकारी के अनुसार, इस पद के लिए 5585 लोगों ने आवेदन किया था, हाई-पावर्ड कमेटी ने इसमें से तीन उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया था. इसके बाद उन तीन नामों में से रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का नाम चुना गया है.
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को सीईओ चुने जाने के साथ ही ट्रस्ट ने दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल मदन मोहन पांडे और निर्मला यादव को नए ट्रस्टी के तौर पर नियुक्त किया गया है. वहीं गोविंद देव गिरी को श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का महामंत्री बनाया गया है. बता दें कि ये नियुक्तियां मंदिर के दान में कथित हेराफेरी को लेकर मचे विवाद के बीच हुई हैं. इस विवाद के कारण आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. जून में चंपत राय ने जनरल सेक्रेटरी के पद से इस्तीफा दे दिया था.
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के करियर की बात करें, तो राम मंदिर के सीईओ बनने से पहले वे इंडियन एयर फोर्स में कार्यरत थे. वे 6 दिसंबर, 1986 को भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में कमीशन हुए. उन्होंने IAF में 38 साल से ज़्यादा समय तक सेवा दी. इस दौरान उन्होंने कारगिल के युद्ध में भी हिस्सा लिया. 1 जनवरी 2025 को उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) के तौर पर जॉइन किया. इसके अलावा उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में अहम भूमिकाएं निभाईं. उन्होंने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान IAF के वेस्टर्न एयर कमांड की कमान संभाली. उन्होंने मुख्य हवाई अभियानों व रणनीतिक हमलों का नेतृत्व किया. इसके बाद अप्रैल 2026 में वे अपनी सेवा से रिटायर हुए.
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर के सीईओ के तौर पर मंदिर के रोज़ाना के कामकाज, तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं, सुरक्षा के तालमेल, भीड़-भाड़ का मैनेजमेंट और बड़े धार्मिक आयोजनों की देखरेख करना उनकी जिम्मेदारी होगी. वहीं अगर उनकी सैलेरी की बात करें, तो इस बारे में सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है.
एक प्रोफेशनल CEO की नियुक्ति उन तरीकों में से एक है, जिनसे राम मंदिर ट्रस्ट लोगों का भरोसा फिर से जीतना चाहता है. राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने पहले ही इस बात पर ज़ोर दिया था कि दुनिया के सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले मंदिर प्रोजेक्ट में प्रोफेशनल एडमिनिस्ट्रेशन और पारदर्शिता लाने के लिए एक फुल-टाइम CEO का होना बहुत ज़रूरी है.
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