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Happiness Science: अच्छी नौकरी, ज्यादा पैसा और सोशल स्टेटस, इसके बारे में बहुत लंबे समय तक माना जाता रहा कि यही खुश रहने के लिए बहुत बड़ी चीज है. लेकिन मनोचिकित्सक और न्यूरोसाइंस एक्सपर्ट्स अब साफ कहते हैं कि खुशी का सीधा संबंध आपके पैसे से नहीं है और न ही किसी प्रकार की उपलब्धियों से है.असली खुशी कुछ ऐसी शांत आदतों से मिलती है. चलिए देखते हैं ये कौन सी आदते हैं, जो आपमें नहीं है.
खुश रहने के 8 मूल मंत्र
- जो लोग वास्तव में अपने जीवन से प्यार करते हैं, वे जरूरी नहीं है कि वे ज्यादा भाग्यशाली हैं. वे छोटी छोटी चीजों पर ध्यान देते हैं. जैसे एक प्यारी सुबह, अच्छी चाय या कॉफी, हैल्दी बातचीत, आरामदायत रात, आदि.
- अगर आपको लगता है कि आप कई बार से असफल हो रहे हैं, तो आप अपने जीवन से प्यार नहीं कर सकते हैं. जो लोग सही में खुश होते हैं, वे पूर्णता की तलाश कभी नहीं करते हैं. वे बस प्रगति देखते हैं.
- ज्यादातर लोग अधिक लक्ष्य रखते हैं, अधिक गतिविधियां करते हैं, अधिक संपत्ति जोड़कर खुशी की तलाश करते हैं. लेकिन ज्यादा खुश दिखने वाले लोग इसके विपरीत रास्ता अपनाते हैं. ये एक सार्थक जीवन के लिए प्रयास करते हैं.
- सबसे ज्यादा खुश लोग सबसे बहुत लोगों से नहीं घिरे होते हैं, बल्कि वे सही लोगों से घिरे होते हैं.
- जो लोग अपने जीवन से प्यार करते हैं, उनमें अक्सर ऐसी दैनिक आदतें होती हैं जो उन्हें स्थिरता प्रदान करती हैं. उनकी दिनचर्या आराम दायक होतीं है.
- खुशी कम होने का सबसे बड़े कारण है, उन चीजों में भावनात्मक रूप से अत्यधिक निवेश करना जिन पर हमारा कोई कंट्रोल नहीं है. जैसे, लोगों की प्रतिक्रियाएं, पिछली गलतियां.
- आप खुद से नफरत करके वह जीवन नहीं जी सकते जिसे आप पसंद करते हैं. आप खुद को शर्मिंदा करके विकास नहीं कर सकते
- खुश लोग आलोचना को सुधार नहीं समझते. वे जानते हैं कि सही मायने में आगे बढ़ना है तो खुद पर सख्ती करने से नहीं, बल्कि खुद का साथ देने से ऐसा होगा. वैसे लोग ज्यादा खुश रहते हैं जो अपने लक्षयों को आकार देते हैं. ऐसे लोग सही अवसर का इंतजार नहीं करते हैं.