कैसे होता है हार्ट फेल्योर (Heart Failure)?
हार्ट फेल्योर तब विकसित होता है जब दिल की मांसपेशियां पर्याप्त रूप से काम नहीं करतीं। यह दो तरह से हो सकता है:
- हार्ट की मांसपेशियां बहुत कमजोर होना – जिससे दिल पर्याप्त मात्रा में ब्लड पंप नहीं कर पाता.
- हार्ट की मांसपेशियां बहुत सख्त होना – जिससे दिल सही तरीके से फैल और सिकुड़ नहीं पाता.
हार्ट फेल्योर का खतरा किन लोगों में ज्यादा होता है?
हार्ट फेल्योर किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन बुजुर्गों में इसका खतरा अधिक है. इसके मुख्य कारण हैं:
- कोरोनरी आर्टरी डिजीज
- उच्च रक्तचाप
- डायबिटीज
- मोटापा
- धूम्रपान
हार्ट फेल्योर के बाद भी लंबे समय तक जीवन संभव
हार्ट फेल्योर का इलाज
हार्ट फेल्योर का इलाज दो हिस्सों में किया जाता है:
दवाओं के माध्यम से इलाज
- बीटा ब्लॉकर: दिल की धड़कन को नियंत्रित करता है.
- डाययूरेटिक: शरीर में जमा तरल को कम करता है.
- ACE इनहिबिटर: हार्ट पर दबाव कम करता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है.
- नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाना.
- संतुलित आहार और नमक का सीमित सेवन.
- तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन और पर्याप्त नींद.
- गंभीर मामलों में हार्ट ट्रांसप्लांट या पेसमेकर की सलाह.