आजकल स्मार्टफोन लगभग हमारे हाथों से चिपके रहते हैं. दोस्तों से चैट करने से लेकर ईमेल चेक करने या सोशल मीडिया स्क्रॉल करने तक, समय का पता ही नहीं चलता. लेकिन स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से ये हमारी नींद और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है. तो चलिए जानते हैं आखिर कितने समय तक हमें फोन का प्रयोग करना चाहिए?
ज्यादा फोन इस्तेमाल करने से क्या होता है नुकसान?
डॉ. कौशल मलहान कहते हैं कि मोबाइल फोन के बार-बार इस्तेमाल से अंगूठे पर बहुत दबाव पड़ता है. वे कहते हैं, इस लगातार दबाव के कारण धीरे-धीरे कोमल टीसूज में सूजन आ सकती है और कलाई के जोड़ के सामने की जगह कम हो सकती है. इस जगह को कार्पल टनल भी कहा जाता है, जहां से मीडियन नर्व नामक एक महत्वपूर्ण नस गुजरती है, जिसका कार्य प्रभावित हो सकता है.’ इतना ही नहीं, वह बताते हैं कि ज्यादा फोन चलाने से दर्द, झुनझुनी और कमजोरी महसूस होती है. ये लक्षण रात में और भी गंभीर हो जाते हैं, जिससे नींद में खलल पड़ता है.
कितने घंटे हाथ में फोन रखना चाहिए?
- 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए, विशेषज्ञ स्मार्टफोन सहित स्क्रीन पर प्रतिदिन 1-2 घंटे से अधिक समय न बिताने की सलाह देते हैं. अत्यधिक स्क्रीन समय एकाग्रता, नींद और यहां तक कि सामाजिक कौशल को भी प्रभावित कर सकता है.
- किशोरावस्था (12 से 18 साल) वह दौर है जहां स्मार्टफोन सीखने का साधन होने के साथ-साथ सामाजिक संपर्क का भी जरिया बन जाते हैं. एक सामान्य नियम यह है कि स्कूल के काम को छोड़कर, प्रतिदिन 2-3 घंटे ही मनोरंजन के लिए इनका उपयोग किया जाए.
- वहीं वयस्कों यानी कि 18 से अधिक उम्र वालों को जरूरत तक ही फोन का उपयोग करना चाहिए. लेकिन इनका अत्यधिक उपयोग तनाव और आंखों में थकान का कारण बन सकता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि काम से इतर गतिविधियों के लिए इनका उपयोग प्रतिदिन 4 घंटे से अधिक नहीं करना चाहिए. यदि आपके काम में लगातार फोन का उपयोग करना आवश्यक है, तो नियमित रूप से ब्रेक लें और व्यायाम करें ताकि इसका शरीर पर नकारात्मक प्रभाव ना पड़े.
- इसके अलावा बुजुर्गों को आमतौर पर प्रतिदिन 1-2 घंटे ही फोन चलाना चाहिए, जिससे उनकी आंखें स्वस्थ रहें.