Tips for buying potatoes: आलू खरीदते समय ज्यादातर लोग सिर्फ उसका रंग, आकार और कीमत देखते हैं, जबकि आलू की किस्म और उसमें मौजूद स्टार्च व नमी यह तय करती है कि पकने के बाद उसका टेक्सचर कैसा रहेगा. सफेद आलू में आमतौर पर स्टार्च अधिक होने के कारण वे फ्राइज जैसे व्यंजनों के लिए बेहतर माने जाते हैं, जबकि पीले आलू पकने के बाद अपनी शेप बेहतर बनाए रखते हैं और सब्जियों के लिए उपयोगी होते हैं.
सिर्फ देखकर आलू खरीदना पड़ सकता है भारी
Tips for buying potatoes: आलू ऐसी सब्जी है जो लगभग हर घर की रसोई में रोजाना इस्तेमाल होती है. आलू की सब्जी से लेकर फ्राइज, पराठे और स्नैक्स तक, इसका इस्तेमाल कई तरह के व्यंजनों में किया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ आलू पकाते ही टूट जाते हैं, जबकि कुछ लंबे समय तक पकाने के बाद भी अपना आकार बनाए रखते हैं? इसका कारण केवल आलू की किस्म नहीं, बल्कि उसमें मौजूद स्टार्च और नमी की मात्रा भी हो सकती है. इसलिए अगली बार बाजार से आलू खरीदते समय केवल दाम और आकार देखकर फैसला न करें.
बाजार में आम तौर पर सफेद और पीले रंग के आलू देखने को मिलते हैं. इनके बीच अंतर केवल रंग का नहीं होता. आलू में मौजूद स्टार्च और नमी उसके पकने के बाद के टेक्सचर को प्रभावित करते हैं.
आमतौर पर अधिक स्टार्च वाले आलू पकने के बाद ज्यादा सूखे और फूले हुए यानी फ्लफी टेक्सचर वाले हो सकते हैं. वहीं अपेक्षाकृत कम स्टार्च वाले आलू पकने के बाद अपनी संरचना बेहतर बनाए रख सकते हैं. इसी वजह से अलग-अलग व्यंजनों के लिए आलू का चुनाव भी अलग तरीके से करना फायदेमंद हो सकता है.
अगर घर पर फ्राइज बनाने का प्लान है और आप चाहते हैं कि वे बाहर से क्रिस्पी और अंदर से नरम रहें, तो ज्यादा स्टार्च वाले आलू बेहतर विकल्प हो सकते हैं. ऐसे आलू फ्राइज के लिए उपयोगी माने जाते हैं क्योंकि उनमें मौजूद स्टार्च तलने के दौरान बाहर की सतह को बेहतर कुरकुरापन देने में मदद कर सकता है. हालांकि सिर्फ सही आलू चुनना ही काफी नहीं है. फ्राइज को एक समान आकार में काटना, काटने के बाद अतिरिक्त स्टार्च हटाने के लिए धोना और तलने की सही प्रक्रिया अपनाना भी उनके टेक्सचर को प्रभावित करता है.
सही आलू चुनने के साथ उसे सही तरीके से पकाना भी जरूरी है. आलू उबालते समय उन्हें सीधे गर्म पानी में डालने के बजाय ठंडे पानी से शुरुआत करना बेहतर माना जाता है. इससे आलू धीरे-धीरे गर्म होते हैं और अपेक्षाकृत समान रूप से पक सकते हैं. आलू को जरूरत से ज्यादा उबालने से बचें, क्योंकि अधिक पकने पर वे बहुत नरम हो सकते हैं और आसानी से टूट सकते हैं. आलू पका है या नहीं, जांचने के लिए चाकू या पतली सींक को उसके बीच में डालकर देख सकते हैं. अगर वह आसानी से अंदर चली जाए और आलू पूरी तरह बिखरे नहीं, तो आलू पक चुका है.
अगली बार आलू खरीदते समय पहले उसकी सतह देखें. आलू बहुत ज्यादा नरम, सिकुड़ा हुआ या सड़ा हुआ नहीं होना चाहिए. इसके बाद उस पर मौजूद कट और गहरे दागों की जांच करें. बहुत ज्यादा हरा रंग या बड़े अंकुर दिखाई दें तो ऐसे आलू से बचें. इसके बाद यह तय करें कि आलू से क्या बनाना है. फ्राइज जैसे व्यंजन के लिए अधिक स्टार्च वाले आलू उपयोगी हो सकते हैं, जबकि ऐसी सब्जियों के लिए जिनमें आलू के टुकड़ों का आकार बनाए रखना हो, फर्म और कम स्टार्च वाले आलू बेहतर विकल्प हो सकते हैं. इस तरह केवल रंग देखकर नहीं, बल्कि व्यंजन, स्टार्च, टेक्सचर और आलू की ताजगी को ध्यान में रखकर खरीदारी करने से आपकी डिश का स्वाद और बनावट दोनों बेहतर हो सकते हैं.
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