AI New Research: डिजिटिल युग में एआई तेजी से पैर पसार रहा है. इसके जरिए लोगों के कई काम आसान बनते जा रहे हैं. अब एआई आपको कैसे हेल्दी रहा जाए, ये भी सिखाएगा. जी हां, आपने सही पढ़ा, IIIT हैदराबाद के एक शोधछात्र ने कमाल की खोज की है. अब आप एआई कैमरे के जरिए जान पाएंगे, कि क्या खाने से आप स्वस्थ रहेंगे और किसमें कितना पोषक तत्व मिलेगा. चलिए जानते हैं इस तकनीक के बारे में सबकुछ.
क्या है ये नया प्रयोग?
आईआईआइटी हैदराबाद के सेंटर फॉर विजुअल इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के शोधकर्ता एक खास भारतीय थाली को समझने के लिए एक उपकरण विकसित कर रहे हैं. थाली में अक्सर चावल, दाल, रोटी, चटनी, दही जैसे कई व्यंजन होते हैं, जिनमें कुछ मिले-जुले आइटम्स भी होते हैं. इस प्रोजेक्ट को प्रोफेसर सीवी जवाहर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है. वह कहते हैं, ‘यदि आपको एक पूरी थाली में भारतीय भोजन दिया जाए जिसमें न केवल कई व्यंजन हों, बल्कि मिले-जुले व्यंजन भी हों, जैसे चावल के ऊपर दाल, पापड़ के नीचे छिपी रोटी तो आप यह कैसे समझेंगे कि थाली में क्या है और उसका पोषण मूल्य क्या है?’ इस प्रयोग के जरिए पता चलेगा कि पोषण मूल्य को समझने के लिए एआई का उपयोग कैसे किया जा सकता है.
एआई कैमरे के जरिए पता चलेगा पोषण तत्व
इस शोध में एआई से लैस कैमरों ने चिकन और मटन बिरयानी के पोषण मूल्यों को पहचानने में सफलता हासिल की है. इसके लिए शोधकर्ताओं ने खाना पकाने की विधियों और पोषण संबंधी पूरी जानकारी को कैमरा सॉफ्टवेयर में दर्ज किया. फिर सिस्टम को पोषण की सही जानकारी देने में सफल पाया गया. हालांकि, आपको बता दें कि चावल, दाल और सांभर जैसी वस्तुओं को स्कैन करते समय टीम को शुरू में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा. यह इसलिए हुआ, क्योंकि चावल और दाल जैसे ठोस खाद्य पदार्थों को ग्राम में मापा जाता है, जबकि सूप और सांभर जैसे तरल पदार्थों को मिलीलीटर में मापा जाता है. शुरुआत में थोड़ी समस्या हुई, लेकिन फिर ये दिक्कत दूर हुई. एआई की दुनिया में यह अनोखा और सफल प्रयोग है. अभी इस पर और काम चल रहा है.
अगले साल लॉन्च होगा ऐप
शोधकर्ताओं ने यह भी बताया की कि इस तकनीक पर आधारित एक ऐप अगले साल उपलब्ध कराया जाएगा. इस एप के जरिए लोग यह पता लगा पाएंगे कि कौन सा भोजन खान से वो कितना पोषक तत्व मिलेगा. इससे वह अपने स्वास्थ्य की जानकारी जान पाएंगे. अब देखना दिलचस्प होगा कि ये ऐप कितना सफल हो पाता है.