लाइफस्टाइल। जब भी हम खाना खाने बैठते हैं तो थाली में दाल, रोटी, सब्जी, चावल के अलावा कुछ कमी खलने लगती है. ऐसा लगता है कि स्वाद अभी अधूरा सा है. और जब उसी थाली में स्वादिष्ट अचार आ जाए तो कहना ही क्या है. मानो खाने की थाली कंप्लीट हो गई. अचार किसी भी खाने में जान फूंकने का काम करता है. मुझे नहीं लगता है कि बिना अचार के कोई इंडियन खाना खाता होगा. यह किसी भी खाने को लजीज बना देता है. अचार खाना सभी को पसंद होता है.
भारतीय खाने की थाली में अचार केवल एक साइड डिश नहीं, बल्कि टेस्ट के एक अहम हिस्से के तौर पर देखा जाता है. जब आप अचार को अपनी जीभ पर रखते हैं तो इसकी हल्की खटास, तीखापन और मसालों की खुशबू पूरे मुंह में फैल जाती है और मजेदार स्वाद देती है. आम, नींबू, मिर्च या मिक्स वेज, हर अचार का अपना स्वाद और पहचान है.
हाथ से बना स्वादिष्ट अचार
हर घर में अचार जरूर पाया जाता है. भारतीय घरों में महिलाएं इसे अपने हिसाब से बनाती हैं. इसलिए हर घर का स्वाद थोड़ा अलग होता है, क्योंकि इसमें मसालों के साथ घर का अपनापन और बनाने वाले का प्रेम भी मिला होता है. इंडियन अचार लंबे वक्त तक सुरक्षित रखे रहते हैं क्योंकि इन्हें बनाने में तेल, नमक, मसाले और कभी-कभी सिरके जैसी नेचुरल चीजों का यूज किया जाता है. ये प्राकृतिक वस्तुएं न सिर्फ स्वाद को बढ़ाती हैं बल्कि अचार को खराब होने से भी बचाती हैं. हमारे यहां अचार बनाने के लिए पुरानी रेसिपी का इस्तेमाल किया जाता है.
तभी तो कहावत है कि दादी के हाथ का अचार की बात ही अलग है. अब प्रश्न यह है कि अचार कितने टाइम तक चलता है? सही तरीके से स्टोर करने के आसान टिप्स क्या हैं? यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस तरह बनाकर रखा गया है. अगर सही मात्रा में तेल, नमक या सिरका को मिलाया जाए तो यह लंबे वक्त तक टिका रहता है.
अचार के प्रकार
1. तेल वाला अचार (जैसे आम या नींबू): तेल या ऑइल वाले अचार जैसे आम या नींबू यदि पूरी तरह ऑइल में डूबे रहना चाहिए. साथ ही इसे साफ जार में रखना चाहिए. अगर सही तरीके से इसे रखा जाए तो यह 1 से 3 साल तक चल सकता है.
2. नमक वाला अचार: जिन अचारों में नमक की मात्रा अधिक होती है. वह आमतौर पर 6 महीने से 1 साल तक खराब नहीं होते हैं. इनमें आंवले, केथ और भी कई तरह के अचार होते हैं.
3. सिरके वाला अचार: सिरके एक प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव है. इसलिए इसका बना अचार 1 से 2 साल तक खराब नहीं होता है औ बेहतरीन स्वाद बनाए रखता है.
4. घर का बना अचार: अब बात आती है घर के अचार की तो बता दें कि, यह इस बात पर निर्भर होता है कि इसे स्टोर किस तरीके से किया गया है. चम्मच सूखा हो और जार नमी से दूर रखना चाहिए. ये 6 महीने से 1 साल तक आसानी से चल सकता है. साथ ही डायरेक्ट हाथों से नहीं उठाना चाहिए.
5. मार्केट वाला अचार: आपने देखा होगा कि मार्केट में वह अचार भी आसानी से मिल जाता है जिसका सीजन भी नहीं होता. फैक्ट्री में सही प्रोसेसिंग और एयरटाइट पैकिंग के कारण यह ज्यादा वक्त तक चलता है. हालांकि, एक बार पैकिंग खुल जाने के बाद इसे जल्दी यूज करना ठीक रहता है और रखरखाव भी जरूरी है.
इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है
हमेशा सूखा और साफ चम्मच का ही यूज करना चाहिए.
अचार पूरी तरह से तेल में डूबा होना चाहिए.
अचार में पानी बिल्कुल भी न जाने देना चाहिए क्योंकि इससे फंगस की प्रोब्लम हो सकती है.
जार को अच्छी तरह बंद करके रखना चाहिए.
अचार को धूप और ज्यादा गर्मी से दूर रखना चाहिए.
अचार को रखने के लिए कांच या चीनी मिट्टी के जार बढ़िया होते हैं. ये बर्तन अचार से किसी तरह का रिएक्शन नहीं करते हैं और स्वाद बना रहता है.
अचार रखने के लिए प्लास्टिक या लोहे के बर्तन से बचना चाहिए.
अचार को हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर रखना चाहिए क्योंकि यह उनके अनुकूल वातावरण बनाता है.
अगर अचार में तेल या नमक की मात्रा कम है तो उसे फ्रिज में रखना अच्छा माना जाता है.
समय-समय पर टेस्ट करते रहना जरूरी है. अगर अचार में फफूंदी दिखे, बदबू आए या रंग-टेक्सचर चेंज हो तो उसे फेंक देना ही अच्छा है.
नोट- यह लेख सिर्फ सूचना के लिए है. किसी भी प्रकार का प्रेक्टिकल के लिए एक्सपर्ट की सलाह लें. इंडिया न्यूज पुष्टि नहीं करता है.