Wedding Planning 2026: भारतीय शादी की प्लानिंग सुनने में जितनी खूबसूरत लगती है, उतनी ही जिम्मेदारियों से भरी भी होती है. वेन्यू से लेकर मेहमानों की लिस्ट, कपड़ों से लेकर रस्मों तक,हर छोटी-बड़ी चीज पर ध्यान देना पड़ता है. अगर शुरुआत में सही प्लानिंग कर ली जाए तो पूरी तैयारी काफी आसान हो जाती है और आप इस खास समय को तनाव के बजाय खुशी के साथ जी पाते हैं.
शादी का विजन और बजट तय करना क्यों जरूरी है
सबसे पहला कदम है यह तय करना कि आप किस तरह की शादी चाहते हैं-पारंपरिक, भव्य या फिर छोटी और मॉडर्न. अपने पार्टनर और परिवार के साथ बैठकर उन रस्मों की सूची बनाएं जो आपके लिए जरूरी हैं. इसी बातचीत के दौरान कुल बजट भी तय कर लेना चाहिए, क्योंकि आगे की हर तैयारी उसी पर निर्भर करेगी. आम तौर पर वेन्यू और कैटरिंग पर सबसे ज्यादा खर्च होता है, इसलिए शुरुआत में ही प्राथमिकताएं स्पष्ट रखना समझदारी होती है.
सही तारीख और गेस्ट लिस्ट की प्लानिंग
शादी की तारीख चुनते समय मौसम, परिवार की सुविधा और शुभ मुहूर्त-तीनों बातों को ध्यान में रखना जरूरी है. भारत में नवंबर से फरवरी का समय शादी के लिए लोकप्रिय होता है, लेकिन इस दौरान बुकिंग और खर्च दोनों ज्यादा हो सकते हैं.तारीख तय होने के बाद गेस्ट लिस्ट पर काम शुरू करें. पहले करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों को शामिल करें, फिर बाकी मेहमानों को जोड़ें. संतुलित गेस्ट लिस्ट रखने से बजट और व्यवस्थाओं को संभालना आसान हो जाता है.
वेन्यू और वेंडर्स का सही चयन
वेन्यू शादी का माहौल तय करता है, इसलिए जगह चुनते समय उसकी क्षमता, पार्किंग, लोकेशन और बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था जरूर देखें. धार्मिक रस्मों के हिसाब से भी स्थान उपयुक्त होना चाहिए.वेन्यू फाइनल होने के बाद कैटरर, फोटोग्राफर, डेकोरेटर, मेकअप आर्टिस्ट और एंटरटेनमेंट से जुड़े वेंडर्स बुक करें. किसी भी सेवा को तय करने से पहले उनकी पिछली काम की समीक्षा देखना और सभी शर्तें लिखित रूप में लेना आगे की परेशानी से बचाता है.
कपड़े, थीम और निमंत्रण की तैयारी
शादी के आउटफिट चुनना हर दूल्हा-दुल्हन के लिए सबसे खास पल होता है. दुल्हन अपनी थीम और मौसम के हिसाब से लहंगा या साड़ी चुन सकती है, जबकि दूल्हे के लिए शेरवानी या पारंपरिक कुर्ता अच्छा विकल्प रहता है. रंगों और डिज़ाइन का चयन शादी के पूरे थीम से मेल खाता हो तो कार्यक्रम और आकर्षक दिखता है.निमंत्रण कार्ड मेहमानों को आपकी शादी की पहली झलक देता है. कार्ड या डिजिटल इनविटेशन में तारीख, समय, स्थान और ड्रेस कोड जैसी जरूरी जानकारी साफ-साफ लिखना चाहिए और इन्हें समय से भेजना बेहतर रहता है.
शादी के दिन की टाइमलाइन और अंतिम तैयारियां
जैसे-जैसे शादी की तारीख नजदीक आती है, पूरे दिन की एक स्पष्ट टाइमलाइन बनाना जरूरी हो जाता है. बारात, फेरे, फोटोशूट और रिसेप्शन के समय को पहले से तय कर लेने से कार्यक्रम बिना हड़बड़ी के चलता है. किसी भरोसेमंद व्यक्ति या प्रोफेशनल कोऑर्डिनेटर को जिम्मेदारी देने से छोटी-मोटी समस्याएं भी आसानी से संभल जाती हैं.