Kashmiri Cuisine: कश्मीरी रसोई में नद्रू का विशेष स्थान है. कश्मीर में कोई शादी हो या कोई उत्सव बिना इस पारंपरिक व्यंजन के; आयोजन अधूरा माना जाता है. खासतौर पर कश्मीरी पंडितों के घर तो इसका खास महत्त्व है.
बता दें कि नद्रू एक पारंपरिक कश्मीरी व्यंजन है, जिसमें कमल ककड़ी (लोटस स्टेम) को हल्के दही-आधारित ग्रेवी में पकाया जाता है. यह एक स्वादिष्ट सब्जी है जिसे चावल के साथ परोसा जाता है. आइये जानते हैं इसकी रेसिपी क्या है?
सामग्री (4 सदस्यों के लिए)
- 500 ग्राम नद्रू (कमल ककड़ी), छीली और गोल स्लाइस में कटी हुई
- 2 कप दही (फेंटा हुआ)
- 1 बड़ा चम्मच बेसन (दही को बांधने के लिए)
- 1 छोटा चम्मच जीरा
- 1 छोटा चम्मच सौंफ पाउडर
- 1 छोटा चम्मच अदरक पाउडर (सूखा)
- 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
- स्वादानुसार नमक
- 2-3 बड़ा चम्मच तेल या घी
- 1 छोटा चम्मच गरम मसाला
- 1 कप पानी (लगभग)
- तड़के के लिए: 1 छोटा चम्मच घी, हींग, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पत्ती
बनाने की विधि
सबसे पहले नद्रू को अच्छी तरह धोकर छील लें और फिर 1-2 इंच के टुकड़ों में काटें. इन्हें प्रेशर कुकर या सॉसपैन में पानी और थोड़े नमक के साथ 1-2 सीटी तक उबालें, जब तक वे नरम हो जाएं. ध्यान रहे कि नद्रू को ज्यादा गलाना नहीं है. उबालने के बाद पानी निकाल दें.
एक बाउल में फेंटे हुए दही में बेसन, सौंफ पाउडर, अदरक पाउडर, हल्दी और नमक मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार करें. कढ़ाई में तेल गरम करें, जीरा डालकर चटकाएं. दही का घोल धीरे-धीरे डालें और लगातार चलाते हुए 5-7 मिनट तक पकाएं, जब तक ग्रेवी गाढ़ी न हो जाए.
उबले नद्रू ग्रेवी में डालें, 1 कप पानी मिलाएं और 5-10 मिनट धीमी आंच पर पकने दें. गरम मसाला छिड़कें और गैस बंद कर दें. तड़के के लिए अलग घी में हींग, लाल मिर्च भूनकर ऊपर से डालें. धनिया पत्ती से सजाएं.
पोषण मूल्य और फायदे
नद्रू फाइबर, आयरन, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है. यह पाचन सुधारता है, वजन नियंत्रित रखता है और हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा है. कश्मीरी व्यंजनों में बिना प्याज-लहसुन के बनने से यह शाकाहारी और जैन लोगों के लिए भी परफेक्ट डिश है.
सर्विंग टिप्स
गर्म चावल या नान के साथ परोसें. वैरिएशन के लिए नद्रू मोंजे (फ्राई) या नद्रू कोफ्ता भी ट्राई कर सकते हैं.