Rashmi-Jayaprakash Love Story: कहते हैं सब्र का फल मीठा होता है, लेकिन सब्र करने की शक्ति सबमें नहीं होती है. जिसने इंतजार कर लिया, वही उसकी कीमत समझ सकता है. सभी प्यार को मंजिल मिल जाए यह जरूरी नहीं है, लेकिन जोड़ों के कुछ मुहब्बत के किस्से अधुरे से पूरे कैसे होते हैं, यह भी एक दिलचस्प कहानी है. ऐसा ही एक मामला केरल के मुण्डक्कल में रहने वाले जयप्रकाश और रश्मि का है. इनकी कहानी भी कुछ ऐसी हीं है. इन दिनों की कहानी सोशल मीडिया पर लोगों के दिलों को छू रही है.
अधुरे इश्क कि कहानी
मुण्डक्कल के रहने वाले जयप्रकाश और रश्मि अपने युवावस्था में एक-दूसरे को बहुत पसंद करते थे. जयप्रकाश रश्मी को कुछ कहना तो चाहते थे, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हुई और यही सोचते सोचते रशमि की शादी हो जाती है.
वक्त बीतता गया और जयप्रकाश ने भी शादी कर ली, बच्चे हुए और परिवारिक बोझ के तले यादें कहीं पीछ रह गई. दूसरी तरफ रश्मि भी अपनी परिवार में व्यस्त जीवन जीने लगी.
सालों बाद भी कोने में प्यार अभी जिंदा था
उपर से देखने में तो सब ठीक था, कोई कुछ नहीं बता सकता था, लेकिन दिल के किसी कोने में प्यार की कसक अभी जिंदा थी. फिर कल किसने देखा है, जिंदगी ने ऐसी करवट ली, जिसके बारे सोचना शायद नामुंकिन सा है.
लगभग 10 साल पहले रश्मि के पति का इंतकाल हो जाता है और वहीं 5 साल पहले जयप्रकाश के पत्नी का निधन हो गया. दोनों अपने अपने जीवन में अकेले पड़ गए और जिंदगी फिर से नई कहानी का इंतजार करने लगी. अपने पुराने जख्मों के साथ दोनों ने जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश बहुत की.
प्यार जिस पर जिम्मेदारियों की धूल चढ़ी थी
अपने अकेलापन से पीछा छूटाने के लिए रश्मि ने कई तरह के प्रयास किए. सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया और शॉर्ट फिल्मों में अभिनय करने लगी. लेकिन क्या पता था, यही से जिंदगी ने नया मोड़ लिया. जयप्रकाश का रश्मी के प्रति प्यार वक्त की धूल में दब गया था और हालात के हाथों मजबूर था, जैसे ही शॉर्ट फिल्म में रश्मि को देखा, पहचान लिया.
सालों बाद दिखा वही चेहरा, चेहरे वहीं सादगी उसके दिल को छू गई. जयप्रकाश ने इस बार हिम्मत करके रश्मि को परिवार के जरिए संपर्क किया और बातचीत आग बढ़ी. पुरानी यादें ताजा हो गई और वर्षों से दबे हुए प्यार का फिर से सांस चलने लगा. लेकिन इस बार दोनों पूर्ण रूप से मेच्योर थे, समझदार थे, सच्चे और दिल के साफ थे. शायद जिंदगी उन्हें दुबारा मौका दे रही थी और उन्हें भी यह बात समझते देर नहीं लगी.
बच्चों ने रिश्ते को अपनाया
इस बात दोनों के बीच सबसे सुंदर चीज यह रही की, दोनों के बच्चों ने इस रिश्ते को पूरे दिल से खुशहाली पूर्वक अपनाया. रश्मि की बेटी और दमाद, जयप्रकाश के बच्चे, सबने मिलकर इसको अपनाया और किसी ने कोई विरोध नहीं किया. सभी ने खुशी-खुशी इस रिश्ते को आगे बढ़ाने की कामना की. कोच्चि में एक समारोह में रश्मि और जयप्रकाश एक दुसरे के परिणय सूत्र यानी शादी के बंधन में बंध गये. सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें बहुत तेजी से वायरल हो रही है.