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Kidney Risk in Children: किन बच्चों को किडनी खराब होने का खतरा ज्यादा? कौन से लक्षण देते हैं चेतावनी, कैसे बचें

Kidney Risk in Children: अगर बच्चे में बार-बार सूजन, पेशाब में बदलाव या थकान दिखे तो नजरअंदाज न करें. बच्चों में किडनी से जुड़ी समस्याएं धीरे-धीरे गंभीर हो सकती हैं.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: March 15, 2026 16:13:54 IST

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Kidney Risk in Children: बच्चों में किडनी से जुड़ी बीमारियां अब पहले से ज्यादा देखने को मिलने लगी है. डॉक्टरों के मुताबिक कुछ बच्चों में इसका खतरा बहुत ज्यादा होता है. खासकर जिनमें पहले से कुछ स्वास्थ्य समस्याएं मौजूद हों. ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दे और समय रहते इसका इलाज कराएं, ताकि गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है. सीके बीरला के आधार पर, बच्चों में किडनी खराब होने के लक्षण और उपचार इस प्रकार है. 

किडनी क्या काम करता है?

किडनी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन, तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने और अपशिष्ट पदार्थों को छानने के लिए काम करता है. यदि किसी बच्चे में इनमें से कोई भी या सभी कार्य प्रभावित होते हैं, तो आपको बाल रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) से परामर्श आवश्य लेना चाहिए.

  • किडनी के प्रकार
  • एक्यूट किडनी डिजीज
  • क्रोनिक किडनी डिजीजबच्चों में किडनी की बीमारी के लक्षण
  • आँखों, हाथों और पैरों के
  •  आसपास सूजन
  • पेशाब की आवृति में बदलाव
  • लगातार थकान
  • जी मिचलाना
  • भूख में कमी
  • खराब विकास
  • उच्च रक्तचाप
  • कमजोर हड्डियाँ
  • वजन घटाना

बच्चों में किडनी बीमारी के कारण

  • आनुवंशिकी
  • यूटीआई
  • नेफ्रोटिक सिंड्रोम
  • ट्रॉमा
  • पेशाब में बाधा
  • रिफ्लक्स नेफ्रोपैथी

किडनी बीमारी का पता कैसे लगाएं?

  • ब्लड टेस्
  • अल्ट्रासाउंड
  • किडनी बायोप्सी
  • जेनेटिक टेस्टिंग

बच्चों में किडनी की बीमारियों का उपचार

डॉक्टरों के अनुसार बच्चों में किडनी की बीमारी का इलाज उसकी वजह और गंभीरता पर निर्भर करता है. शुरुआती चरण में दवाओं के जरिए संक्रमण को नियंत्रित किया जाता है और बीपी को संतुलित रखने की कोशिश की जाती है. कई मामलों में बच्चे को खास तरह का आहार भी दिया जाता है, जिसमें नमक और कुछ प्रोटीन की मात्रा नियंत्रित रखी जाती है, ताकि किडनी पर ज्यादा प्रेशर न पड़े.

उपचारों में शामिल हैं.

दवाएं

दवाएं के जरिए रक्तचाप को नियंत्रित करना, सूजन कम करें, एनीमिया का उपचार शामिल है.

सर्जरी

कुछ मामलों में संरचनात्मक समस्याओं के लिए सर्जरी की सलाह दी जा सकती है.

डायलिसिस

जब गुर्दे काम करना बंद कर देते हैं, तो शरीर से रक्त को छानकर बाहर निकालने के लिए डायलिसिस का इस्तेमाल किया जा सकता है.

किडनी ट्रांसप्लांट

ऐसे में खराब किडनी की जगह दूसरी किडनी का प्रत्यारोपण होता है.

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Last Updated: March 15, 2026 16:13:54 IST

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Kidney Risk in Children: बच्चों में किडनी से जुड़ी बीमारियां अब पहले से ज्यादा देखने को मिलने लगी है. डॉक्टरों के मुताबिक कुछ बच्चों में इसका खतरा बहुत ज्यादा होता है. खासकर जिनमें पहले से कुछ स्वास्थ्य समस्याएं मौजूद हों. ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दे और समय रहते इसका इलाज कराएं, ताकि गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है. सीके बीरला के आधार पर, बच्चों में किडनी खराब होने के लक्षण और उपचार इस प्रकार है. 

किडनी क्या काम करता है?

किडनी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन, तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने और अपशिष्ट पदार्थों को छानने के लिए काम करता है. यदि किसी बच्चे में इनमें से कोई भी या सभी कार्य प्रभावित होते हैं, तो आपको बाल रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) से परामर्श आवश्य लेना चाहिए.

  • किडनी के प्रकार
  • एक्यूट किडनी डिजीज
  • क्रोनिक किडनी डिजीजबच्चों में किडनी की बीमारी के लक्षण
  • आँखों, हाथों और पैरों के
  •  आसपास सूजन
  • पेशाब की आवृति में बदलाव
  • लगातार थकान
  • जी मिचलाना
  • भूख में कमी
  • खराब विकास
  • उच्च रक्तचाप
  • कमजोर हड्डियाँ
  • वजन घटाना

बच्चों में किडनी बीमारी के कारण

  • आनुवंशिकी
  • यूटीआई
  • नेफ्रोटिक सिंड्रोम
  • ट्रॉमा
  • पेशाब में बाधा
  • रिफ्लक्स नेफ्रोपैथी

किडनी बीमारी का पता कैसे लगाएं?

  • ब्लड टेस्
  • अल्ट्रासाउंड
  • किडनी बायोप्सी
  • जेनेटिक टेस्टिंग

बच्चों में किडनी की बीमारियों का उपचार

डॉक्टरों के अनुसार बच्चों में किडनी की बीमारी का इलाज उसकी वजह और गंभीरता पर निर्भर करता है. शुरुआती चरण में दवाओं के जरिए संक्रमण को नियंत्रित किया जाता है और बीपी को संतुलित रखने की कोशिश की जाती है. कई मामलों में बच्चे को खास तरह का आहार भी दिया जाता है, जिसमें नमक और कुछ प्रोटीन की मात्रा नियंत्रित रखी जाती है, ताकि किडनी पर ज्यादा प्रेशर न पड़े.

उपचारों में शामिल हैं.

दवाएं

दवाएं के जरिए रक्तचाप को नियंत्रित करना, सूजन कम करें, एनीमिया का उपचार शामिल है.

सर्जरी

कुछ मामलों में संरचनात्मक समस्याओं के लिए सर्जरी की सलाह दी जा सकती है.

डायलिसिस

जब गुर्दे काम करना बंद कर देते हैं, तो शरीर से रक्त को छानकर बाहर निकालने के लिए डायलिसिस का इस्तेमाल किया जा सकता है.

किडनी ट्रांसप्लांट

ऐसे में खराब किडनी की जगह दूसरी किडनी का प्रत्यारोपण होता है.

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