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Lack of Sleep: देर रात जागना पड़ सकता है भारी! नींद की कमी से हो सकती है ये खतरनाक समस्या, एक्सपर्ट से जानें बचाव का रास्ता

Sleep Deprivation Side Effects: देर रात मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल, काम का तनाव, अनियमित रूटीन और लगातार बदलते सोने के पैटर्न धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमज़ोर कर देते हैं.

Written By: Shristi S
Last Updated: January 3, 2026 21:45:16 IST

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Lack of Sleep Health Risks: आज के इस आधुनिक समय में हर कोई अपने काम को प्राथमिकता देता है और अपने शरीर के आराम और नींद को नजरअंदाज करता है. देर रात मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल, काम का तनाव, अनियमित रूटीन और लगातार बदलते सोने के पैटर्न धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमज़ोर कर देते हैं. न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन के अनुसार, नींद की कमी सिर्फ़ थकान या सुस्ती तक ही सीमित नहीं है; यह शरीर में सूजन बढ़ा सकती है, पाचन को खराब कर सकती है, और टाइप 2 डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा काफ़ी बढ़ा सकती है.

आरामदायक नींद ना मिलने के साइड इफेक्ट

जब हमें हर दिन 7-8 घंटे की गहरी और आरामदायक नींद नहीं मिलती, तो शरीर को खुद को ठीक करने और डिटॉक्स करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता. इसका सीधा असर हार्मोन संतुलन, मेटाबॉलिज़्म और इम्यून सिस्टम पर पड़ता है. बहुत से लोग सुबह उठने पर भारीपन, कब्ज या कम एनर्जी महसूस करते हैं, लेकिन इसका मुख्य कारण अक्सर नींद की कमी होती है.

नींद की कमी से जुड़े 3 मुख्य जोखिम कारक 

न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन ने नींद की कमी से जुड़े 3 मुख्य और जोखिम समस्या बताई है. 

शरीर में सूजन

न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन के अनुसार, अपर्याप्त नींद शरीर के रिकवरी सिस्टम को ठीक से काम करने से रोकती है. इससे सूजन बढ़ती है, जिससे जोड़ों में दर्द, वज़न बढ़ना और हार्मोनल असंतुलन हो सकता है. पुरानी सूजन से दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.

सुबह कब्ज

नींद की कमी का सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है. जब शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता, तो मल त्याग की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. इसके परिणामस्वरूप सुबह भारीपन, गैस और कब्ज होता है. अच्छी नींद पाचन को नियंत्रित करने में मदद करती है.

टाइप 2 डायबिटीज़ का बढ़ता खतरा

अपर्याप्त नींद इंसुलिन संवेदनशीलता को कम करती है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल खराब हो सकता है. नींद की पुरानी कमी से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है, खासकर अगर जीवनशैली पहले से ही अस्वास्थ्यकर हो.

बचाव का रास्ता

हर दिन 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें, देर रात स्क्रीन टाइम कम करें और सोने का एक नियमित शेड्यूल बनाएं. याद रखें, अच्छी नींद सिर्फ़ आराम के बारे में नहीं है, बल्कि अच्छे स्वास्थ्य की नींव है. उचित पोषण के साथ-साथ अच्छी नींद भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए उतनी ही जरूरी है. इसलिए, अगर आप लंबे समय तक फिट और एक्टिव रहना चाहते हैं, तो नींद को कभी भी हल्के में न लें. साथ ही, किसी भी खास स्वास्थ्य समस्या के लिए, सही सलाह के लिए डॉक्टर से सलाह लें.

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