The Sleep-Beauty Connection: ज्यादातर हम महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और बेहतरीन स्किनकेयर रूटीन पर हजारों रुपये खर्च तो ज़रूर कर देते हैं, लेकिन हम एक बात को यह भूल जाते हैं कि हम सबसे प्रभावी और मुफ्त ‘ब्यूटी ट्रीटमेंट’ को नजरअंदाज हैं, जिसका नाम है भरपूर नींद. चिकित्सा विज्ञान और सौंदर्य विशेषज्ञों (Beauty Experts) ने यह माना है कि ‘ब्यूटी स्लीप’ (Beauty Sleep) केवल एक मुहावरा नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक सच्चाई है. सौंदर्य विशेषज्ञों के मुताबिक जब आप रात में सोते हैं, तो आपका शरीर और त्वचा अपनी मरम्मत (Repair) की प्रक्रिया शुरू कर देता है.
रात में कैसे होती है त्वचा की मरम्मत प्रक्रिया?
जब आप गहरी नींद में होते हैं, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म और कोशिका विभाजन (Cell Division) की दर तेजी से अपने आप ही बढ़ने लगती है. जहां, रात के समय त्वचा का रक्त प्रवाह (Blood flow) बढ़ता है, जो त्वचा की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाने में सबसे ज्यादा मद करता है. इतना ही नहीं, कोलेजन वह प्रोटीन है जो त्वचा को लचीला बनाता है और झुर्रियों को रोकने में पूरी तरह से मदद भी करता है. इसके साथ ही नींद की कमी सीधे तौर पर कोलेजन को कम करने का काम करती है, जिससे त्वचा समय से पहले ढीली और बेजान दिखने लगती है.
नींद की कमी से त्वचा पर क्या पड़ सकता है प्रभाव?
डार्क सर्कल्स
नींद पूरी नहीं होने पर रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) पूरी तरह से फैल जाती हैं, जिससे आंखों के नीचे काले घेरे साफ दिखने लगते हैं.
सूजन
इतना ही नहीं, सही तरीके से नहीं सोने पर शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन धीरे-धीरे बिगड़ने लगता है, जिससे सुबह चेहरा और आंखें सूजी हुई दिखाई देती हैं.
तनाव और मुंहासे
नींद की कमी से शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) नाम का स्ट्रेस हार्मोन तेजी से बढ़ने लगता है. दरअसल, यह हार्मोन त्वचा में तेल (Sebum) के उत्पादन को बढ़ा देता है, जिससे मुंहासे और ब्लैकहेड्स की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है.
बेहतर त्वचा के लिए क्या करें उपाय?
एक स्वस्थ और चमकती त्वचा के लिए सिर्फ सोना ही काफी नहीं है, बल्कि नींद की गुणवत्ता भी सबसे ज्यादा मायने रखती है. रोजाना 7-9 घंटे की गहरी नींद लेना सबसे ज्यादा जरूरी होता है. तो वहीं, सोने से पहले चेहरा साफ करना कभी भी नहीं भूलना चाहिए, ताकि रात भर त्वचा सांस ले सके. इसके अलावा, पीठ के बल सोना चेहरे पर दबाव कम करता है, जिससे ‘स्लीप लाइन्स’ या झुर्रियां कम होती हैं.