Yoga Tips: बॉलिवुड फिटनेस आइकन एक्ट्रेस और डांसर मलाइका अरोड़ा की उम्र 50 साल से ज्यादा है, लेकिन आज भी उनकी फिटनेस देख लोग हैरान रह जाते हैं. ग्लोइंग स्किन, टोन्ड बॉडी और हाई एनर्जी देख लोग सोचने पर मजबूर हो जाते हैं, कि इस उम्र में भी इतना फिट होने के पीछे राज क्या है.
हालही में मलाइका अरोड़ा ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि कैसे बैठे-बैठे इन 5 प्राणायाम को किया जा सकता है. जिससे मन, शरीर और त्वचा के लिए चमत्कारी साबित हो सकता है. मलाइका अरोड़ा का मानना है कि यदि आप अन्दर से हेल्दी है, तो बाहर से खूबसूरती अपने आप निखरने लगती है. आइए जानते हैं उन पांच प्राणायम के बारे में, जिनका जिक्र मलाइका अरोड़ा करती है. इसकी खास बात यह है कि इसे आप एक जगह बैठ कर आसानी से कर सकते हैं.
भस्त्रिका (Bhastrika)
यह प्राणायाम आपके फेफड़ों की क्षमता को बेहतर बनाता है, शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है, शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई को बढ़ाता है जिससे ज्यादा से ज्यादा फैट बर्न हो, मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है. इस योगा को करने के लिए अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधी कर के बैठ जाएं, नाक से गहरी सांस अन्दर की तरफ खींचे, छाती को फुलाएं और उसके बाद नाक से तेजी से सांस को छोड़ें. ऐसा आधे मिनट करें फिर सामान्य सांस लेना शुरु कर दें.
कपालभाति (Kapalbhati)
कपालभाति आपके पाचन क्षमता में सुधार करता है, वेट के लिए सही होता है, पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है. इसे सही से करने के लिए अपने हांथों को घुटनों पर टीकाकर सीधे बैठें. इसके बाद लंबी सांस खींचे, फिर नाभि को अंदर की तरफ खींचते हुए, तेजी से सांस छोड़ें. 20 बार करने से स्टार्ट करें और फिर समय के साथ बढ़ाएं.
अनुलोम-विलोम (Anuloma vilom)
यह प्राणायाम आपके तनाव को कम करने में मदद करता है, पाचन को सही रखता है और आपके नींद को बेहतर बनाता है. इसे करने के लिए अपने अंगूठे से पहले दाहिनी नासिका बंद करें, उसके बाद बाईं नासिका से सांस लें. ऐसा करने के बाद अपनी रिंग फींगर से बाईं नासिका बंद करें और दाहिनी नासिका से सांस छोड़ें. यही काम अब दूसरे नाक के साइड से करें. ऐसा पांच से दस मीनट तक करें.
भ्रामरी (Bharamri)
भ्रामरी प्राणायाम करने से आपके तनाव को कम करने में मदद मिलती है और आपके नींद के गुणवत्ता में सुधार होता है. इस प्राणायाम को करने के लिए सबसे पहले आराम से बैठ जाएं, लंबी सांस खींचे और सांस को छोड़ते समय धीरे-धीरे ओम का जाप करें. ऐसा करते समय अपने आवाज के वाइब्रेशन पर ध्यान केंद्रित करें. इसे भी लगभग 5 से 10 मिनट के बीच करें.
उद्गीत (Udgeet)
यह प्राणायाम करने से आपके दिमाग पर अच्छा प्रभाव पड़ता है. दिमाग को शांति मिलती है, सांस पर नियंत्रण अच्छा होता है. इसे करने के लिए बैठें, आंख को बंद करें और अपने उंगलियों को हल्के से कानों पर रखें. इसके बाद लंबी सांस लें और धीरे-धीरे सांस को छोड़ें. यह प्राणायाम 5 से 10 बार के बीच में करें.