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Mandira Bedi’s Fitness Journey: 53 की उम्र में 30-40 से ज्यादा वजन उठा रहीं मंदिरा बेदी! फिटनेस सीक्रेट जानकर रह जाएंगे हैरान

Mandira Bedi’s Fitness Journey: 53 साल की उम्र में भी फिट और टोंड रहने वाली मंदिरा बेदी का कहना है कि वह नए-नए फिटनेस ट्रेंड्स के बजाय क्लासिक एक्सरसाइज जैसे योग और स्ट्रेचिंग को प्राथमिकता देती हैं. मंदिरा रोजाना थोड़ी-बहुत फिजिकल एक्टिविटी जरूर करती हैं, हालांकि उन्हें स्क्वाट्स पसंद नहीं हैं. आइए जानते हैं मंदिरा बेदी  के फिटनेस के बारे में विस्तार से.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: 2026-01-23 13:50:11

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Mandira Bedi’s Fitness Journey: अभिनेत्री मंदिरा बेदी अपनी फिट और टोंड बॉडी को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं. 53 साल की उम्र में भी उनकी फिटनेस लोगों को प्रेरित करती है. हाल ही में एक इंटरव्यू में मंदिरा ने अपनी फिटनेस का राज बताया और कहा कि वह किसी नए फिटनेस ट्रेंड के पीछे नहीं भागतीं, बल्कि क्लासिक और सिंपल वर्कआउट को ही फॉलो करती हैं.

मंदिरा के अनुसार, फिट रहने के लिए सबसे जरूरी चीज है नियमितता (Consistency). उनका मानना है कि कोई भी वर्कआउट तभी असर दिखाता है, जब उसे लंबे समय तक लगातार किया जाए.

क्लासिक फिटनेस पर भरोसा

मंदिरा बेदी कहती हैं कि वह अजीब या नए-नए फिटनेस ट्रेंड्स से दूरी बनाकर रखती हैं. उनका फोकस हमेशा स्ट्रेचिंग और योग पर रहता है. ये एक्सरसाइज न सिर्फ शरीर को लचीला बनाती हैं, बल्कि ओवरऑल हेल्थ के लिए भी बेहद फायदेमंद हैं.

स्क्वाट्स से है नफरत

हालांकि स्क्वाट्स को लोअर बॉडी के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, लेकिन मंदिरा बेदी को ये एक्सरसाइज बिल्कुल पसंद नहीं है. खासतौर पर वेटेड स्क्वाट्स से वह दूर रहती हैं. मंदिरा का कहना है कि हर किसी की अपनी पसंद होती है और फिटनेस में वही एक्सरसाइज करनी चाहिए, जो आपको सूट करे. वह रोज योगा मैट बिछाकर स्ट्रेचिंग, एब्स एक्सरसाइज और हल्की कसरत जरूर करती हैं.

 रोज स्ट्रेचिंग क्यों है जरूरी?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिटनेस में सिर्फ ताकत ही नहीं बल्कि फ्लेक्सिबिलिटी भी उतनी ही जरूरी है. बिना लचीलापन के झुकना, मुड़ना या बैठना जैसी रोजमर्रा की गतिविधियां भी मुश्किल हो सकती हैं.

रोजाना स्ट्रेचिंग करने से

  •  शरीर की लचीलापन बढ़ता है
  •  मांसपेशियों में दर्द और जकड़न कम होती है
  • चोट लगने का खतरा घटता है
  • पोस्चर और बैक पेन में सुधार होता है

स्ट्रेचिंग में ज्यादा समय नहीं लगता, लेकिन इसके फायदे लंबे समय तक मिलते हैं. जो लोग एक्सरसाइज करते हैं, उनके लिए वर्कआउट के बाद स्ट्रेच करना बेहतर माना जाता है.

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