Military Sleep Method: शरीर के लिए नींद बेहद आवश्यक है, क्योंकि इससे आपकी शरीर अगले कुछ घंटों के लिए तरोताजा रूप में काम करती है. इसके लिए जरूरी है सही समय पर नींद आना. लेकिन आज के समय में लोगों को सही समय में नींद ही नहीं आती, जिससे उनका काम और मूड दोनों प्रभावित होता है. एक ऐसा तरीका है, जिससे आपको मात्र 2 मिनट में सो सकते हैं. इसका नाम है मिलिट्री स्लीप मेथड. अब सवाल है कि ये कैसे काम करता है और क्या हैं इसके फायदे. चलिए जानते हैं इसके बारे में.
क्या है मिलिट्री स्लीप मेथड?
जैसे की नाम से ही कुछ अंदाजा लग रहा होगा कि मिलिट्री स्लीप मेथड का उद्देश्य मिलिट्री वालों को किसी भी वातावरण में नींद के लिए अपने शरीर को तैयार करने में मदद करना है. यह शरीर और मन को बहुत जल्दी आराम देने का एक व्यवस्थित तरीका है. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस तरीके से आपको मात्र 2 मिनट में नींद आ जाएगी. हालांकि, बेटरप्लेस की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सुलाग्ना मोंडल बताती हैं कि यह तकनीक एक मनोवैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें मन और शरीर का सीधा संबंध होता है. साथ ही आपको बता दें कि इस तरीके का जिक्र रिलैक्स एंड विन नामक एक पुस्तक में मिलता है.
कैसे काम करता है यह तरीका?
बताया गया है कि मिलिट्री स्लीप मेथड के लिए आपको इन चरणों का पालन करना होगा, जो इस प्रकार है. कहा जाता है कि अगर दो हफ्तों तक आपने इसे फॉलो कर लिया तो आपकी दिनचर्या ठीक हो सकती है.
- गहरी सांस लें: आंखें बंद करें और धीरे-धीरे गहरी सांस लेते हुए सांसों पर ध्यान दें.
- चेहरे को ढीला करें: माथे से शुरू करते हुए गाल, मुंह, जबड़े, आंखों और जीभ की मांसपेशियों को धीरे-धीरे आराम दें.
- कंधे और बाहें रिलैक्स करें: गर्दन और कंधों का तनाव छोड़ें और रिलैक्स छोड़ दें. फिर एक-एक करके दोनों हाथों की मांसपेशियों को ढीला करें.
- शरीर के निचले हिस्से को आराम दें: छाती, पेट और कमर से होते हुए पैरों तक ध्यान ले जाएं और मांसपेशियों को ढीला करें.
- मन को शांत करें: किसी शांत दृश्य की कल्पना करें, जैसे खुले मैदान में लेटना या शांत जगह पर आराम करना.
क्या कहते हैं डॉक्टर?
मिलिट्री स्लीप मेथड काम करता है या नहीं. इसके बारे में येल मेडिसिन के डॉक्टर ब्रायन कू, जो न्यूरोलॉजी और स्लीप मेडिसिन के विशेषज्ञ हैं. उन्होंने बताया कि इस पद्धति पर अभी तक कोई वैज्ञानिक शोध नहीं हुआ है, इसलिए इसके फायदे साबित करने के पुख्ता सबूत नहीं हैं. हालांकि, यह तरीका ऐसी जानी-पहचानी रिलैक्सेशन तकनीकों पर आधारित है, जो शरीर और दिमाग को शांत करके नींद आने में मदद कर सकती हैं.