Minissha Lamba Vegetarian Journey: अभिनेत्री मिनिषा लांबा ने नए साल के मौके पर अपने जीवन से जुड़ा एक निजी अनुभव साझा किया है. उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने पांच साल पहले शाकाहारी जीवन अपनाया और यह फैसला उनके लिए सिर्फ खाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोच और भावनाओं से भी जुड़ा था.
मिनिषा ने 2 जनवरी को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि शाकाहारी बनने का फैसला अचानक नहीं था. यह एक धीरे-धीरे लिया गया सोच-समझा कदम था. उन्होंने लिखा कि जब शाकाहारी विकल्प मौजूद होते हुए भी वह मांस खाती थीं, तो उन्हें लगातार अपराधबोध महसूस होता था.
हमेशा की जगह छोटे कदमों पर दिया ध्यान
मिनिषा के अनुसार, वह इस उलझन में नहीं रहना चाहती थीं कि खाएं भी और दोषी भी महसूस करें. उन्होंने कहा कि मांस खाने को सही ठहराने की कोशिशें अब काम नहीं कर रही थीं, इसलिए उन्होंने खुद को थोड़ा रोककर अपने खाने से रिश्ते को समझने का फैसला किया. उन्होनें बताया कि शाकाहारी बनने का फैसला शुरुआत में हमेशा के लिए नहीं था. उन्होंने एक-एक महीने का लक्ष्य रखा, जो धीरे-धीरे सालों में बदल गया. यह तरीका उनके लिए आसान रहा और शरीर व मन को बदलाव अपनाने का समय मिला. इस दैरान मिनिषा ने उनके मन और शरीर दोनों को बदलाव के लिए समय दिया. विशेषज्ञ भी मानते हैं कि धीरे-धीरे किया गया खानपान का बदलाव ज्यादा फायदेमंद और लंबे समय तक टिकने वाला होता है.
शाकाहारी जीवन
शाकाहारी खाने के फायदों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ शरीर को हल्कापन महसूस हुआ, बल्कि मन को भी शांति मिली. उनके अनुसार, इस बदलाव से जीवन के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता और बढ़ी है.मिनिषा लांबा अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए बताया कि, ‘शाकाहारी बनकर जिंदगी सच में खूबसूरत हो गई है. अब मन में शांति है और हर जीव के प्रति सम्मान का भाव और गहरा हुआ है.’