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20 साल से टाइप 1 डायबिटीज से जूझ रहे हैं निक जोनास, भारत में शुरु किए बियॉन्ड टाइप 1 कैंपेन

Type 1 Diabetes: बहुत लोगों को नहीं पता है कि निक जोनस टाइप 1 डायबिटीज के साथ जीवन जी रहे हैं. जानें, इतनी खुशहाल रह कर कैसे मैनेज करते हैं.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: 2026-01-16 16:36:59

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Type 1 Diabetes: बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के पति और हॉलीवुड सिंगर–एक्टर निक जोनस अपने प्रोफेशनल करियर से तो चर्चा में बने ही रहते हैं, और इसके अलावा हेल्थ जर्नी को लेकर भी वो लोगों के लिए प्रेरणा श्रोत है. निक जोनस के बारे में बहुत कम लोगों को पता होगा कि वो पीछले 20 सालों से टाइप-1 डायबिटीज से जुझ रहे हैं, लेकिन अपनी बीमारी को कभी अपनी प्रोफेशनल करियर पर हावी नहीं होने दिया और बहुत बेहतरीन ढंग से डील करते हैं.

 बियॉन्ड टाइप 1 अभियान

प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस भारत में डायबिटीज को लेकर एक नई पहल की शुरुआत करने जा रहे हैं. दुनिया भर में टाइप 1 डायबिटीज को लेकर अभियान चलाने वाले निक जोनस अब भारत में भी जागरुकता अभियान चलाने वाले है. उनकी गैर-लाभकारी संगठन बियॉन्ड टाइप 1 अब भारत में भी जागरूकता बढ़ाने के साथ इससे जुड़ी शर्म, हिचकिचाहट को खत्म करने के लिए अभियान चला रहा है.

बियॉन्ड टाइप 1 का लक्ष्य

प्रियांका चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि वह इतस अभियान को भारत में लाने पर बहुत खुश हैं. बियॉन्ड टाइप 1 का लक्ष्य दुनिया भर के टाइप 1 डायबिटीज के पेशेंट को एक प्लेटफॉर्म पर लाना है, जहां उन सभी मरीजों को सही जानकारी, संसाधन, समर्थन और जीवन जीने की प्रेरणा मिल सके.

13 साल की उम्र में डायग्नोस हुआ डायबिटीज 

प्रियंका चोपड़ा ने बताया कि उनकी टाइप डायबिटीज की समझ निक जोनस के मेडिकल जर्नी से हुई. निक को सिर्फ 13 साल की उम्र में ही डायबिटीज डायग्नोस हो गया था. उसके बाद उन्होंने अपनी स्थिती को मैनेज करते हुए खुद को बढ़ाया, लोगों को उनसे आगे बढ़ने की ताकत मिल सकती है. आगे प्रियंका बताती हैं कि निक ने बियॉन्ड टाइप 1 की स्थापना ने इसलिए की ताकी इस बीमारी से जुझ रहे लोगों को सम्मान, सपोर्ट और सही जानकारी मिल सके.

टाइप 1 डायबिटीज क्या है?

टाइप 1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून डायबिटीज है. इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम इंसुलिन बनाने वाली बीटा कोशिकाओं को नष्ट कर देती है, जिसकी वजह से शरीर में इंसुलिन नहीं बन पाता है. इसमें टाइप 1 वाले व्यक्ति को जीवनभर इंसुलिन पर निर्भर रहना पड़ता है.

टाइप 1 डायबिटीज कैसे मैनेज करें?

  • रेगुलर इंसुलिन और मॉनिटरिंग करें.

  • बैलेंस्ड डाइट का सेवन करें.

  • पॉजिटिव माइंडसेट बनाए रखें.

  • रेगुलर एक्सरसाइज और योग करें.

  • स्ट्रेस मैनेजमेंट करें.

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20 साल से टाइप 1 डायबिटीज से जूझ रहे हैं निक जोनास, भारत में शुरु किए बियॉन्ड टाइप 1 कैंपेन

Type 1 Diabetes: बहुत लोगों को नहीं पता है कि निक जोनस टाइप 1 डायबिटीज के साथ जीवन जी रहे हैं. जानें, इतनी खुशहाल रह कर कैसे मैनेज करते हैं.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: 2026-01-16 16:36:59

Type 1 Diabetes: बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के पति और हॉलीवुड सिंगर–एक्टर निक जोनस अपने प्रोफेशनल करियर से तो चर्चा में बने ही रहते हैं, और इसके अलावा हेल्थ जर्नी को लेकर भी वो लोगों के लिए प्रेरणा श्रोत है. निक जोनस के बारे में बहुत कम लोगों को पता होगा कि वो पीछले 20 सालों से टाइप-1 डायबिटीज से जुझ रहे हैं, लेकिन अपनी बीमारी को कभी अपनी प्रोफेशनल करियर पर हावी नहीं होने दिया और बहुत बेहतरीन ढंग से डील करते हैं.

 बियॉन्ड टाइप 1 अभियान

प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस भारत में डायबिटीज को लेकर एक नई पहल की शुरुआत करने जा रहे हैं. दुनिया भर में टाइप 1 डायबिटीज को लेकर अभियान चलाने वाले निक जोनस अब भारत में भी जागरुकता अभियान चलाने वाले है. उनकी गैर-लाभकारी संगठन बियॉन्ड टाइप 1 अब भारत में भी जागरूकता बढ़ाने के साथ इससे जुड़ी शर्म, हिचकिचाहट को खत्म करने के लिए अभियान चला रहा है.

बियॉन्ड टाइप 1 का लक्ष्य

प्रियांका चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि वह इतस अभियान को भारत में लाने पर बहुत खुश हैं. बियॉन्ड टाइप 1 का लक्ष्य दुनिया भर के टाइप 1 डायबिटीज के पेशेंट को एक प्लेटफॉर्म पर लाना है, जहां उन सभी मरीजों को सही जानकारी, संसाधन, समर्थन और जीवन जीने की प्रेरणा मिल सके.

13 साल की उम्र में डायग्नोस हुआ डायबिटीज 

प्रियंका चोपड़ा ने बताया कि उनकी टाइप डायबिटीज की समझ निक जोनस के मेडिकल जर्नी से हुई. निक को सिर्फ 13 साल की उम्र में ही डायबिटीज डायग्नोस हो गया था. उसके बाद उन्होंने अपनी स्थिती को मैनेज करते हुए खुद को बढ़ाया, लोगों को उनसे आगे बढ़ने की ताकत मिल सकती है. आगे प्रियंका बताती हैं कि निक ने बियॉन्ड टाइप 1 की स्थापना ने इसलिए की ताकी इस बीमारी से जुझ रहे लोगों को सम्मान, सपोर्ट और सही जानकारी मिल सके.

टाइप 1 डायबिटीज क्या है?

टाइप 1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून डायबिटीज है. इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम इंसुलिन बनाने वाली बीटा कोशिकाओं को नष्ट कर देती है, जिसकी वजह से शरीर में इंसुलिन नहीं बन पाता है. इसमें टाइप 1 वाले व्यक्ति को जीवनभर इंसुलिन पर निर्भर रहना पड़ता है.

टाइप 1 डायबिटीज कैसे मैनेज करें?

  • रेगुलर इंसुलिन और मॉनिटरिंग करें.

  • बैलेंस्ड डाइट का सेवन करें.

  • पॉजिटिव माइंडसेट बनाए रखें.

  • रेगुलर एक्सरसाइज और योग करें.

  • स्ट्रेस मैनेजमेंट करें.

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