Nipah Virus Updates: कोरोना के बाद अब दूसरा घातक पश्चिम बंगाल में 11 जनवरी को निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले मिलने की जानकारी मिली है. इस निपाह वायरस के संदिग्ध मामलों ने राज्य और केंद्र सरकार की नींद उड़ा दी है. इसके बाद निपाह वायरस एक बार फिर से चर्चा में आ गया है. इसकी वजह इस वायरस का बेहद हाई डेथ रेट और अब तक कोई पुख्ता इलाज या वैक्सीन का न होना है.
हेल्थ डिपार्टमेंट इस निपाह वायरस के मामले को बहुत सख्ती से देख रहा है. इसका प्रसार बहुत तेजी से होता है और लापरवाही बरतने पर उसका परिणाम घातक हो सकता है.
उत्तर 24 परगना के बारसात स्थित एक निजी अस्पताल में दो नर्सों के इस जानलेवा वायरस से संक्रमित होने की बातें सामने खबर है और दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस गंभीर और आपात स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने विशेषज्ञों की एक नेशनल आउटब्रेक रिस्पांस टीम बंगाल के लिए रवाना कर दी है.
निपाह वायरस क्या है?
निपाह एक ‘जुनोटिक’ वायरस है, जो बेहद खतरनाक और जानलेवा संक्रमण है. जो जानवरों (खासकर फल खाने वाले चमगादड़, जिन्हें फ्लाइंग फाक्स भी कहा जाता है) से इंसानों में फैलता है. यानी यह मुख्य रूप से इंसान और जानवरों में फैलता है. ICMR के अनुसार, जहां कोरोना में मृत्यु दर 2-3 प्रतिशत थी, वहीं निपाह में यह 40 से 70 प्रतशित तक हो सकती है.
निपाह वायरस के लक्षण
- तेज बुखार
- सिरदर्द
- उल्टी
- गले में खराश
- सांस लेने में तकलीफ
- मानसिक सूजन (एन्सेफेलाइटिस)
- मस्तिष्क पर तीव्र प्रभाव (ब्रेन अटैक)
संक्रमण बढ़ने पर 24 से 48 घंटे के भीतर मरीज कोमा में जा सकता है क्योंकि यह सीधे मस्तिष्क (एनसेफलाइटिस) पर हमला करता है.