Chaitra Maah Diet: चैत्र का महीना शुरू होते ही मौसम में भी बदलाव होने लगते हैं. ऐसे में लोगों को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए. विशेषज्ञों की मानें, तो मार्च-अप्रैल के दौरान मौसम बदलता है. इस दौरान सात्विक और हल्का भोजन करना चाहिए. तामसी भोजन करने से पेट संबंधी और दूसरी समस्याएं हो सकती हैं. इस दौरान गुड़, खट्टी चीजें, प्याज लहसुन और ज्यादा तेल मसाले वाली चीजें नहीं खानी चाहिए. वहीं इस दौरान मौसमी फल और मौसमी सब्जियों का सेवन करना चाहिए. इसके अलावा प्रोटीन और कैल्शियम के लिए दूध और दही का सेवन करना चाहिए. ऐसा करने से आपका स्वास्थ्य ठीक रहता है.
चैत्र के महीने में क्या खाना चाहिए?
चैत्र के महीने में खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इस दौरान आपको बॉडी को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है. इसके लिए आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए. साथ ही आप नींबू पानी, छाछ और लस्सी का सेवन करना चाहिए. सुबह के समय आपको भुने चने या अंकुरित चने खाना चाहिए. ये आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है. प्रोटीन और कैल्शियम के लिए आपको दूध और दही का सेवन करना चाहिए. चैत्र में सेंधा नमक का सेवन करना चाहिए.
चैत्र के महीने में क्या नहीं खाना चाहिए?
चैत्र के महीने में प्याज और लहसुन नहीं खाना चाहिए. इसके अलावा आपको मांसाहार का सेवन भी नहीं करना चाहिए. चैत्र में मांसाहार, अंडा और शराब का सेवन पूरी तरह से वर्जित है. ये भोजन भारी होते हैं, जो पचने में दिक्कत कर सकते हैं. इसके अलावा आपको तली-भुनी और ज्यादा मसालेदार चीजें नहीं खानी चाहिए. आपको खट्टी चीजों के सेवन से भी बचना चाहिए. इनमें इमली, खट्टे फल और दूसरी खट्टी चीजों से परहेज करना चाहिए. इस तरह की चीजें खाने से पेट में गैस, कब्ज और दूसरी तरह की दिक्कतें हो सकती हैं.
व्रत में क्या खाएं?
वहीं अगर आप चैत्र माह में नवरात्रि के व्रत रख रहे हैं, तो आपको फल, दूध, दही, साबूदाना, कूटू और सिंघाड़े का आटा, आलू, लौकी, खीरा आदि का सेवन करना चाहिए. इस दौरान आपको साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का सेवन करना चाहिए.