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Mom Guilt : मां बनना जीवन का सबसे भावनात्मक और बहुत ही जिम्मेदारी वाला अनुभव होता है. लेकिन इसके साथ कई मानसिक और भावनात्मक चुनौतियाँ भी जुड़ी होती हैं. हाल ही में दीपिका पादुकोण के ‘24 घंटे की चुप्पी’ वाले खुलासे के बाद ‘मॉम गिल्ट’ यानी माँ होने के अपराधबोध पर चर्चा काफी बढ़ गई है.
एक्सपर्ट के मुताबिक कई नई माताएं अपने बच्चों से बहुत ज्यादा प्यार करने के बावजूद कभी-कभी अकेले समय बिताने चाहती हैं और इसी वजह से वह अपराधबोध का सामना करती हैं. ये भावनाएं क्यों पैदा होती है.
माताओं की दबी हुई भावनाएं
हाल ही में, उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो दोबारा शेयर किया, जिसमें कई माताओं की दबी हुई भावनाओं को दिखाया गया है. वीडियो के साथ लिखा था: लो… मैंने कह दिया! मेरी सबसे बुरी आदत यह है कि मैं अपने बच्चे से इतना प्यार करती हूं कि मैं नहीं चाहती कि कोई और उन्हें देखे… लेकिन मुझे आराम की सख्त ज़रूरत है. लेकिन मैं उनके बिना नहीं रह सकती. मुझे चौबीसों घंटे की शांति भी चाहिए लेकिन फिर भी मैं उनके साथ चौबीसों घंटे रहना चाहती हूं. यह भावना लगाव, अपराधबोध, आराम की चाह और थोड़े समय के लिए भी उन्हें जाने देने में कठिनाई की मिली-जुली भावनाओं को दिखाती है.
जब नई माताएं अपने लिए समय निकालती हैं तो अपराधबोध की भावना क्यों लगती हैं?
मनोवैज्ञानिक के मुताबिक , प्रसव के बाद होने वाले मनोवैज्ञानिक बदलावों के कारण कई नई माताओं को अपराधबोध होता है. हार्मोनल बदलाव भावनात्मक संवेदनशीलता और सुरक्षात्मक प्रवृत्ति को बढ़ाते हैं, जिससे मातृत्व का लगाव मजबूत होता है. साथ ही, समाज गहन मातृत्व की धारणा को बढ़ावा देता है, जहाँ एक अच्छी माँ से लगातार उपस्थित रहने और आत्म-त्याग करने की अपेक्षा की जाती है. इससे संज्ञानात्मक असंगति उत्पन्न होती है.