हम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं क्योंकि इसी दिन 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था. अब 2026 में भी हम गणतंत्र दिवस मनाने के लिए तैयार हैं. इस दिन के लिए स्कूलों में बच्चों को भाषण के लिए तैयार किया जा रहा है. वहीं ऑफिस और कॉलेज में लोग कुछ खास स्पीच की तैयारियां कर रहे हैं. मंच पर कॉन्फिडेंस के लिए लोग शीशे के सामने बोलकर प्रैक्टिस करते हैं. इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या स्पीच स्क्रिप्ट तैयार करने में आती हैं. तो जानिए कुछ भाषण, जो आपको गणतंत्र दिवस पर मदद कर सकते हैं.
ये स्पीच कर सकती है आपकी सहायता…
आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय/महोदया, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को मेरा सादर नमस्कार.
आज गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर यहां बोलते हुए मुझे बहुत गर्व और खुशी हो रही है. जब भी हमारा तिरंगा लहराता है, तो हमें अपने देश की आजादी और गौरव का एहसास होता है।
हर साल 26 जनवरी को हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1950 में हमारे देश का संविधान लागू हुआ था. इस दिन भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक और गणतंत्र देश बना. हमारा संविधान हमें अधिकार देता है और साथ ही हमें अपने कर्तव्यों की याद भी दिलाता है. गणतंत्र दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं है, बल्कि यह हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीरों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. उनके त्याग, संघर्ष और बलिदान की वजह से ही आज हम एक स्वतंत्र देश में सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं.
आज के इस खास दिन पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम एक जिम्मेदार नागरिक बनें, देश के नियमों का पालन करें और अपने देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें.
अंत में, आइए हम सब मिलकर अपने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का प्रण लें.
धन्यवाद, जय हिंद!
निबंध कैसे तैयार करें?
गणतंत्र दिवस पर अगर आपको निबंध लिखना है, तो आप इस आइडिया के अनुसार समझ सकते हैं.
गणतंत्र दिवस 1950 में संविधान को अपनाने की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है. हालांकि भारत को 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त हुई, लेकिन 26 जनवरी 1950 को संविधान के लागू होने पर यह एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया. इस दिन एक भव्य परेड का आयोजन किया जाता है. यह परेड भारत की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और विरासत को प्रदर्शित करती है. देशभर के लोग टेलीविजन पर इस आयोजन को देखते हैं, जबकि स्कूल और कॉलेज भाषण, निबंध और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं.