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Spinal TB Patients: आज के दौर में स्पाइनल टीबी के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी देखी जा रही है. हैरानी की बात यह है कि इसके शिकार सबसे ज्यादा युवा हो रहे हैं. हाल ही में AIIMS की एक स्टडी में इस ट्रेंड के पीछे के अहम कारण देखने को मिले हैं. रिसर्च के मुताबिक कमजोर इम्युनिटी, लाइफस्टाइल में बदलाव और समय पर पहचान न होना इस बीमारी को गंभीर बना रहा हैं. हम में से बहुत से लोगों को पीठ और गर्दन में दर्द की समस्या रहती है. आइए जानते हैं स्पाइनल टीबी के लक्षण क्या होते हैं, इसके कारण, बचाव और इलाज क्या है.
एम्स की स्टडी में खुलासा हुआ है कि रीढ़ में टीबी के संक्रमण से युवा अधिक पीड़ित हो रहे हैं. स्टडी के आधार पर रीढ़ में टीबी के संक्रमण से पीड़ित हर दूसरा मरीज युवा वर्ग से है. खास कर 21 से 30 साल की उम्र वाले युवा. एम्स के डॉक्टरों द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट मुताबिक हड्डियों की टीबी से पीड़ित 50% मरीजों को रीढ़ में संक्रमण मिलता है. एम्स ऑर्थोपेडिक विभाग ने यह रिसर्च 1652 लोगों पर की है, जिनमें 777 महिलाएं और 875 पुरुष शामिल थे. इसमें सबसे ज्यादा मरीज 21 से 30 साल के बीच के थे.
पीड़ित बीमारी की पहचान कैसे हुई?
- 98% मरीज को कमर व गर्दन दर्द
- 4.1% मरीज फेफड़े की टीबी से पीड़ित
- 6.1% मरीज पहले फेफड़े की टीबी से
- 32% टीबी के अलावा दूसरी बीमारियां
स्पाइनल TB के लक्षण
- पीठ दर्द
- गर्दन में दर्द
- हाथ और पैरों में कमजोरी
- भूख में कमी
- अस्पष्टीकृत वजन घटाना
- बुखार
कैसे करें बचाव
- टीबी के संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता जरूरी है
- शरीर की प्रतिक्षा प्रणाली बेहतर बनाएं
- हेल्दी डाइट का सेवन करें
- खांसी आने पर मुंह ढक लें
- खांसी के मरीज साथ भोजन करने से बचें
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर या एक्सपर्ट से सलाह लें.