Holi Colour: होली रंगों और हर्ष का पर्व है, लेकिन इसकी आड़ में किसी की सहमति के बिना जबरदस्ती रंग लगाना या उसकी सहमती के बिना पानी वाले गुब्बारे फेकना कानूनन अपराध बन सकता है. ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें कारावास भी शामिल हो सकता है. अधिकारियों ने कई राज्यों में सख्त दिशानिर्देश और नियम भी लागू किए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि त्योहार सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से मनाया जा रहा है, जिसमें प्रतिभागियों की सहमति की आवश्यकता पर जोर दिया गया है.
पानी के गुब्बारे फेंकने पर सजा
बिना किसी सहमति के किसी पर पानी का गुब्बारा फेंकना भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 352 (1 जुलाई, 2024 से पहले) या बीएनएस धारा 131 (इसके प्रतिस्थापन के बाद) के तहत आ सकता है. ये कानूनी प्रावधान बिना सहमति के शारीरिक संपर्क, जिसमें पानी के गुब्बारे जैसी वस्तुएं फेंकना भी शामिल है, को आपराधिक अपराध मानते हैं, यदि यह इस तरह से किया जाता है जिससे नुकसान या असुविधा हो सकती है।
तीन महीने जेल, 1,000 रुपये जुर्माना
आईपीसी की धारा 352 (जुलाई 2024 से पहले) के तहत सजा में तीन महीने तक का कारावास शामिल था और साथ या 500 रुपये तक का जुर्माना या दोनों शामिल थे. हालांकि, नई बीएनएस धारा 131 (1 जुलाई, 2024 से प्रभावी) के तहत सजा को संशोधित करके तीन महीने तक का कारावास, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान कर दिया गया है.
उतर प्रदेश में भी आदेश जारी
होली को सुरक्षित बनाने के लिए अधिकारियों ने सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. पुलिस ने उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए उपाय किए हैं. चेतावनी दी है कि पानी के गुब्बारे फेंकने या किसी अनिच्छुक व्यक्ति को रंग लगाने की कोशिश करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
पिछले साल बिजनौर में ऐसे कारनामों के लिए व्यक्तियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था, जहां होली के दौरान एक परिवार को जबरदस्ती रंग लगाकर परेशान करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था.
तेलंगाना में भी निर्देश जारी
तेलंगाना में होली के लिए सरकार ने कई पाबंदियां लगाई हैं. इनमें शुक्रवार को शराब की बिक्री पर प्रतिबंध और वाहनों के समूह में आवागमन पर रोक शामिल है. साथ ही, अधिकारियों ने जनता को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जो लोग होली में शामिल होना नहीं चाहते, उन्हें रंग नहीं लगाएं.