Tiger Parenting: किसी भी घर में बच्चों के जन्म के साथ उनके माता-पिता का भी एक नया जन्म शुरु होता है. एक नई जिम्मेदारी की शुरुात होती है जिसे हम पैरेंटिंग कहते हैं. यह पैरेंटिंग बच्चों के जन्म से शुरू होता है और बढ़ती उम्र के साथ उनका केयर बढ़ते जाता है. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है या बच्ची बड़ी होती है, उनसे हम कुछ बड़ा करने की उम्मीद भी करने लगते है और कई बार ऐसा होता है की हम उनपर किसी काम के लिए प्रेशर भी बनाने लगते हैं, जिससे उनका मनोबल टूटने लगता है. यहां हम बात करेंगे पैरेंटिंग के एक अलग प्रकार के बारे में, जिसे हम टाइगर पैरेंटिंग कहते हैं.
टाइगर पैरेंटिंग क्या है?
टाइगर पैरेंटिंग, पैरेंटिंग करने का एक ऐसा तरीका है, जहां पैरेंट यानी माता-पीता अपने बच्चों से ज्यादा उम्मीदें रखते हैं. ऐसे पैरेंटिंग में बच्चों से काफी सख्ती से अनुशासन का पालन कराया जाता है. इस तरह के पैरेंटिंग में बच्चे के माता-पिता बच्चे के हर एक एक्टिविटी से बहुत बेहतर का उम्मीद रखते हैं, वो बच्चों से पढ़ाई, करियर या किसी अन्य क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन चाहते हैं. और इसके लिए कई बार उनपर सख्ती भी करते हैं.
‘टाइगर मॉम’ कैसी होती है?
टाइगर मॉम अपने बच्चों को अनुशासन का सख्ती से पालन कराती है. उनको अपने बच्चों से बहुत उम्मीद जुड़ी होती है. टाइगर पैरेंटिंग में माता-पिता दोनों की उम्मीद होती है बच्चे से जो कहा जाए उसे वो हर हाल में पूरा करेगा. इस तरह के पैरेंटिंग को टाइगर पैरेंटिंग कहते हैं.
‘टाइगर मॉम’ शब्द कैसे पॉपुलर किया?
इस तरह के पैरेंटिंग “टाइगर पैरेंटिंग” शब्द का पहली बार इस्तेमाल मशहूर राइटर और लॉ के प्रोफेसर एमी चुआ ने अपनी बुक Battle Himen of Tiger Mom में किया था. और इसे वैश्विक पहचान मिली. यह किताब उनकी सख्त परवरिश को दर्शाती है, जो अपने बच्चों की परवरिश टाइगर फैमिली की तरह करती है.
टाइगर पैरेंटिंह के फायदे क्या है?
ऐसे पैरेंट्स अपने बच्चों को जिम्मेदार बनाने पर ज्यादा काम करते हैं. फिर इसके लिए उन्हें डांटना या उल्टा ही क्यों न बोलना पड़े. ऐसे डांट की वजह से डर कर वो अपनी अंदर की क्षमता को बाहर निकालते हैं और मेहनत करना सिखते हैं.
टाइगर पैरेंटिंह के फायदे क्या है?
बच्चों से ज्यादा उम्मीद करने से बच्चे दबाव महसूस करते हैं. ज्यादा समय तक डर में रहने की वजह से बच्चों उनमें अवसाद और चिंता की भावना उत्पन्न होने लगती है. और यह बच्चों के विकास में बाधा भी बन सकता है.