सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आज 9 से 5 जॉब करने वाले लोगों से कहीं ज्यादा अच्छी कमाई कर रहे हैं. इन्फ्लुएंसर और क्रिएटर शिवी चौहान की कहानी इसका जीता जगता प्रमाण है.
अमेरिका में बसी भारतीय मूल की लाइफस्टाइल क्रिएटर शिवी चौहान ने 2025 में ब्रांड पार्टनरशिप्स से करीब 40 लाख रुपये कमाए, जो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसिंग की बढ़ती ताकत को दर्शाता है. सैन फ्रांसिस्को में रहने वाली यह वर्किंग मदर इंस्टाग्राम पर 2.2 लाख से अधिक फॉलोअर्स के साथ अमेरिकी जीवनशैली, स्किनकेयर, फूड, ट्रैवल, करियर और पेरेंटिंग पर कंटेंट शेयर करती हैं. उनके ज्यादातर फॉलोवर्स विदेश में बसे भारतीय परिवार हैं.
कमाई का मासिक ब्रेकडाउन
शिवी ने एक वीडियो में 2025 की अपनी ब्रांड पार्टनरशिप कमाई का खुलासा किया, जिसमें डिजिटल सेल्स शामिल नहीं हैं. उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्हें जनवरी में 3.8 लाख, फरवरी में 20,000 रुपये, मार्च में 5 लाख, अप्रैल में 3.8 लाख, मई में 5.26 लाख, जून में 2.6 लाख, जुलाई में 3.3 लाख, अगस्त में 5 लाख, सितंबर में 1.8 लाख, अक्टूबर में 2.1 लाख, नवंबर में 3.7 लाख और दिसंबर में 3.5 लाख रुपये की इनकम हुई. कंटेंट क्रिएशन से उनकी कमाई दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है, जो उनकी आय में स्थिर वृद्धि दिखाता है. शिवी का कहना है कि 2023 और 2024 में उनकी कमाई लगभग 25 लाख रुपये थी.
सफलता का राज: निरंतरता और प्रामाणिकता
शिवी ने बताया कि निरंतरता और प्रामाणिकता ही उनकी सफलता का सीक्रेट है. उन्होंने शुरुआत में ब्रांड डील्स का पीछा नहीं किया, बल्कि कंटेंट क्रिएशन पर फोकस रखा. उनकी प्रोफाइल बायो में ईमेल होने से ब्रांड्स खुद उनसे संपर्क करते हैं. पांच साल के सफर में उन्होंने प्रामाणिकता को प्राथमिकता दी, जो फॉलोअर्स का विश्वास जीतने का आधार बनी. यह रणनीति भारतीय इन्फ्लुएंसर्स के लिए प्रेरणादायक है, जहां क्वालिटी कंटेंट ब्रांड्स को आकर्षित करता है.
वीजा और मोनेटाइजेशन की चुनौतियां
वीडियो पर कइयों ने उनसे पूछा कि अमेरिका में H1B, L1 या F1 वीजा पर कंटेंट से कमाई कैसे संभव है? शिवी ने स्पष्ट किया कि वे यूएस परमानेंट रेसिडेंट हैं, इसलिए उन पर मोनेटाइजेशन की पाबंदी नहीं है. उनकी इनकम डॉलर और रुपये दोनों में आती है, जिसे उन्होंने सरलता के लिए 50-50 अनुपात मानकर बताया. यह विदेशी भारतीय क्रिएटर्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी है.
इन्फ्लुएंसर इंडस्ट्री का ट्रेंड
भारत में भी इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग तेजी से बढ़ रही है. 2025 में भारतीय इन्फ्लुएंसर्स ने 10,000 करोड़ से ज्यादा कमाए, जहां इन्फ्लुएंसर ब्रांड्स क्वालिटी और रेलेवेंसी पर जोर दे रहे हैं. शिवी का केस दिखाता है कि माइक्रो-इन्फ्लुएंसर्स (2 लाख फॉलोअर्स) भी लाखों कमा सकते हैं, बशर्ते उनका कंटेंट निश्चित ऑडियंस से जुड़े. BCG रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2-2.5 लाख क्रिएटर्स सक्रिय हैं, जो 2020 में कई गुना बढ़ चुके हैं.