Divyanka Tripathi Lifestyle: टीवी इंडस्ट्री की पॉपुलर जोड़ी दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया अपनी मजबूत बॉन्डिंग लिए जानी जाती है. शादी के करीब 9 साल बाद भी दोनों के खाने की पसंद अलग-अलग है. जहां दिव्यांका पूरी तरह शाकाहारी हैं, और शादी के करीब 9 साल बाद भी उन्होंने अपनी यह आदत नहीं बदली. वहीं विवेक नॉनवेज खाते हैं. दिलचस्प बात यह है कि इन 9 सालों में दिव्यांका तो नहीं बदलीं, लेकिन विवेक अब धीरे-धीरे वेजिटेरियन की तरफ बढ़ते नजर आ रहे हैं.
इसके बाद दिव्यांका ने एक पुरानी बात शेयर की. उन्होंने बताया कि शादी से पहले विवेक के दोस्तों ने कहा था कि दिव्यांका वेजिटेरियन हैं और विवेक नॉन-वेज खाते हैं, तो दोनों के बीच एडजस्टमेंट कैसे होगा?
वेजिटेरियन होना सिर्फ खाना नहीं
इस पूरे किस्से से एक साफ मैसैज मिलता है कि वेजिटेरियन होना सिर्फ खाने की पसंद नहीं, बल्कि एक जीवनशैली और सोच भी है.रिलेशनशिप एक्सपर्टस के अनुसार- जब एक पार्टनर दूसरे पर अपनी पसंद थोपता है, तो धीरे-धीरे रिश्ते में तनाव आने लगता है. लेकिन जब दोनों एक-दूसरे की आदतों और फैसलों को सम्मान देते हैं, तो रिश्ता और मजबूत हो जाता है.दिव्यांका ने कभी विवेक से यह नहीं कहा कि वह नॉन-वेज छोड़ दें. और विवेक भी दिव्यांका को जबरदस्ती बदल नहीं पाए. नतीजा यह हुआ कि बदलाव अपने आप आने लगा.
‘मैं वेजिटेरियन हूं’- दिव्यांका ने अपनी पहचान से समझौता नहीं किया
हाल ही में दिव्यांका और विवेक एक यूट्यूब वीडियो में नजर आए. यह वीडियो दिव्यांका के बर्थडे लंच का था. इसी दौरान विवेक ने मजाक में दिव्यांका से कहा कि वह टूना फिश ट्राय करें.विवेक ने हंसते हुए कहा“आज तुम्हारा नया जन्म हो जाएगा, दिव्यांका 2.0.”इस पर दिव्यांका ने बिना किसी बहस के, बड़े आराम से कहा, मैं वेजिटेरियन हूं .इसके बाद दिव्यांका ने एक पुरानी बात शेयर की. उन्होंने बताया कि शादी से पहले विवेक के दोस्तों ने कहा था कि दिव्यांका वेजिटेरियन हैं और विवेक नॉन-वेज खाते हैं, तो दोनों के बीच एडजस्टमेंट कैसे होगा?इस पर विवेक ने पूरे कॉन्फिडेंस के साथ कहा था कि वह ‘छह महीने में दिव्यांका को नॉन-वेज खिला देंगे.’
रिश्तों में कोई बदलाव नहीं
दिव्यांका ने बताया कि अब उनकी शादी को 9 साल हो गए हैं. उनकी शर्त आज तक चल रही है. और अब उनके दोस्त उन्हें ही चिढ़ाते हैं. सच तो ये है कि विवेक खुद वेजिटेरियन होते जा रहे हैं.”विवेक दहिया ने भी इस पूरे मामले में कहा कि हमेशा हालात के साथ आदमी को ही समझौता करना पड़ता है.
कपल्स में अलग-अलग फूड चॉइस कैसे संभालें?
इस बातचीत के जरिए एक्सपर्ट्स ने यह भी समझाया कि रिश्तों में अलग-अलग फूड हैबिट्स, लाइफस्टाइल या सोच होना आम बात है.किसी भी रिश्ते में कम्पैटिबिलिटी का मतलब एक जैसा होना नहीं, बल्कि एक-दूसरे की पसंद का सम्मान करना है.जब पार्टनर पर ज़ोर डाला जाता है, तो रिश्ता तनाव में आ सकता है. लेकिन जब दोनों अपनी पसंद को शांति और समझदारी से सामने रखते हैं, तो रिश्ता और मजबूत होता है. असली बदलाव दबाव से नहीं, बल्कि सम्मान और आजादी से आता है.