15
Viral Video : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक MBBS Student का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह भारत में डॉक्टर बनने की कठिन दर्द बयां कर रहा है इस वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था और मेडिकल के क्षेत्र में बढ़ते दबाव पर एक नई बहस छेड़ दी है. भारत में हर साल लाखों बच्चे डॉक्टर बनने का सपना देखते है, लेकिन हकीकत में यह रास्ता कांटों भरा होता जा रहा है. हाल ही में एक छात्र ने अपने वीडियो के जरिए बताया कि क्यों आज के समय में डॉक्टर बनना न केवल मानसिक बल्कि आर्थिक और शारीरिक रूप से भी थका देने वाला है.
भयंकर प्रतियोगिता (Extreme Competition): छात्र ने बताया कि NEET UG की परीक्षा में हर साल बैठने वालों की संख्या 25 लाख के करीब पहुंच रही है, जबकि सरकारी सीटें इसके मुकाबले बहुत कम है. एक-एक नंबर पर हजारों रैंक का अंतर आ जाता है.
लंबा और थकाऊ सफर: छात्र ने कहा, ‘केवल MBBS करना काफी नहीं है. आपको 5.5 साल की पढ़ाई, फिर इंटर्नशिप और उसके बाद NEET PG के लिए फिर से वही कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. स्पेशलाइजेशन (MD/MS) के बिना आज के दौर में करियर बनाना मुश्किल है.
काम का बोझ और तनाव: वायरल वीडियो में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की 36-48 घंटे की शिफ्ट और नींद की कमी का जिक्र किया गया है. छात्र ने बताया कि कैसे पढ़ाई और ड्यूटी के बीच उनकी निजी जिंदगी खत्म हो जाती है.
महंगी पढ़ाई: सरकारी कॉलेजों के अलावा प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस करोड़ों में है, जो एक आम मध्यम वर्गीय परिवार की पहुंच से बाहर होती जा रही है.
नेटिजन्स का क्या है कहना?
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कई लोगों ने छात्र का समर्थन किया है. कुछ का कहना है कि डॉक्टरों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है, वरना देश में बेहतरीन डॉक्टरों की कमी हो जाएगी. वहीं, कुछ लोग इसे ‘मजबूत बनने’ की सलाह दे रहे है.