Live
Search
Home > लाइफस्टाइल > Circadian Rhythm: रात में बार-बार नींद खुलना, किन बीमारियों का है संकेत? लाइफस्टाइल से पाएं राहत

Circadian Rhythm: रात में बार-बार नींद खुलना, किन बीमारियों का है संकेत? लाइफस्टाइल से पाएं राहत

Frequent Night time Awakenings: अगर आप रात में बार-बार जागते हैं, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है. यह आगे चलकर कई बीमारियों का कारण भी बनती है और जानलेवा भी हो सकती है.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: 2026-03-27 13:19:28

Mobile Ads 1x1

Frequent Night time Awakenings: आधी रात को अचानक नींद खुल जाना एक आम बात है. अक्सर, आपकी नींद इसलिए खुलती है क्योंकि आपको बाथरूम जाना होता है या आपको प्यास लगी होती है. कभी-कभी, बुरे सपने या सोने की असहज स्थिति भी हमारी नींद खुलने का कारण बन सकती है. लेकिन, अगर आपको रोजाना आधी रात को नींद खुलने की समस्या हो रही है, तो आपको इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रात 1:00 बजे से 3:00 बजे के बीच नींद खुलना और उसके बाद दोबारा सोने में दिक्कत होना कई वजहों से हो सकती है. रात की नींद में लगातार रुकावट का संबंध तनाव या यहाँ तक कि लिवर से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती है.

रात में बार-बार नींद क्यों खुल जाती है?

हेल्थ वेबसाइट मेयो क्लिनिक के मुताबिक, हर व्यक्ति को कितनी नींद की जरूरत होती है, यह अलग-अलग होता है. हालांकि, ज्यादातर वयस्कों को रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद की जरूरत होती है. अपनी जिंदगी में कभी न कभी, अधिकतर लोग कुछ समय के लिए अनिद्रा का अनुभव करते हैं, जो कुछ दिनों या सप्ताहों तक रह सकती है. इसकी वजह अक्सर तनाव, चिंता या कोई भावनात्मक घटना होती है. हालांकि, कुछ लोगों के लिए यह समस्या ज्यादा समय तक बनी रहती है. अगर सोने में दिक्कत तीन महीने या उससे ज्यादा समय तक बनी रहती है, तो इस स्थिति को क्रोनिक अनिद्रा कहा जाता है. कई मामलों में, यह अपने आप में एक मेडिकल स्थिति होती है, जबकि कई बार इसकी वजह कोई अंदरूनी शारीरिक स्वास्थ्य समस्या या कुछ दवाएं हो सकती हैं.

दवाइयों के साइड-इफेक्ट

जो लोग लंबे समय से विभिन्न बीमारियों के लिए दवाएं ले रहे हैं, उन्हें अक्सर रात में अच्छी नींद लेने में कठिनाई होती है. इन दवाओं के कारण अनिद्रा की समस्या हो सकती है. एंटी-डिप्रेसेंट्स दवाएं, सर्दी-खांसी के लिए दवाएं, बीटा-ब्लॉकर, ड्यूरेटिक्स. इसके अलावा स्लीप एपनिया, अर्थराइटिस, गैस्ट्रिक समस्याएं, अवसाद, आदि.

ज्यादा उम्र होना

आपकी नींद पर उम्र का काफी असर पड़ता है. डॉक्टरों का कहना है कि जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपकी नींद के चक्र में बदलाव आने लगते हैं. ऐसा आम तौर पर दवाओं की वजह से होता है, क्योंकि वे आपके शरीर पर कई तरह से असर डालती हैं.

लीवर पर भी पड़ता है असर

अगर आप रात 1:00 बजे से 3:00 बजे के बीच जाग जाते हैं, तो इसकी वजह आपके लिवर का ठीक से काम न करना हो सकता है. डॉक्टर बताते हैं कि जब लिवर सही ढंग से काम नहीं करता है, तो यह खून के सही बहाव में रुकावट डालता है, जिससे कई तरह की दिक्कतें पैदा होती हैं और इनमें से एक है नींद का बार-बार टूटना भी है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना ​​है कि तनाव का सबसे ज्यादा असर लिवर पर ही पड़ता है

तनाव

अगर आप लगातार स्ट्रेश में रहते हैं, तो आपका शरीर अपने ‘सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम’ को सक्रिय कर देता है, जिसके कारण आप आधी रात को अचानक से जाग जाते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि इसकी वजह से आपके बीपी लेवल में उतार-चढ़ाव आता है और हार्ट बीट भी तेज हो जाती है. 

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी तरह का सलाह चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर या एक्सपर्ट से सलाह लें.

MORE NEWS

Home > लाइफस्टाइल > Circadian Rhythm: रात में बार-बार नींद खुलना, किन बीमारियों का है संकेत? लाइफस्टाइल से पाएं राहत

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: 2026-03-27 13:19:28

Mobile Ads 1x1

Frequent Night time Awakenings: आधी रात को अचानक नींद खुल जाना एक आम बात है. अक्सर, आपकी नींद इसलिए खुलती है क्योंकि आपको बाथरूम जाना होता है या आपको प्यास लगी होती है. कभी-कभी, बुरे सपने या सोने की असहज स्थिति भी हमारी नींद खुलने का कारण बन सकती है. लेकिन, अगर आपको रोजाना आधी रात को नींद खुलने की समस्या हो रही है, तो आपको इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रात 1:00 बजे से 3:00 बजे के बीच नींद खुलना और उसके बाद दोबारा सोने में दिक्कत होना कई वजहों से हो सकती है. रात की नींद में लगातार रुकावट का संबंध तनाव या यहाँ तक कि लिवर से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती है.

रात में बार-बार नींद क्यों खुल जाती है?

हेल्थ वेबसाइट मेयो क्लिनिक के मुताबिक, हर व्यक्ति को कितनी नींद की जरूरत होती है, यह अलग-अलग होता है. हालांकि, ज्यादातर वयस्कों को रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद की जरूरत होती है. अपनी जिंदगी में कभी न कभी, अधिकतर लोग कुछ समय के लिए अनिद्रा का अनुभव करते हैं, जो कुछ दिनों या सप्ताहों तक रह सकती है. इसकी वजह अक्सर तनाव, चिंता या कोई भावनात्मक घटना होती है. हालांकि, कुछ लोगों के लिए यह समस्या ज्यादा समय तक बनी रहती है. अगर सोने में दिक्कत तीन महीने या उससे ज्यादा समय तक बनी रहती है, तो इस स्थिति को क्रोनिक अनिद्रा कहा जाता है. कई मामलों में, यह अपने आप में एक मेडिकल स्थिति होती है, जबकि कई बार इसकी वजह कोई अंदरूनी शारीरिक स्वास्थ्य समस्या या कुछ दवाएं हो सकती हैं.

दवाइयों के साइड-इफेक्ट

जो लोग लंबे समय से विभिन्न बीमारियों के लिए दवाएं ले रहे हैं, उन्हें अक्सर रात में अच्छी नींद लेने में कठिनाई होती है. इन दवाओं के कारण अनिद्रा की समस्या हो सकती है. एंटी-डिप्रेसेंट्स दवाएं, सर्दी-खांसी के लिए दवाएं, बीटा-ब्लॉकर, ड्यूरेटिक्स. इसके अलावा स्लीप एपनिया, अर्थराइटिस, गैस्ट्रिक समस्याएं, अवसाद, आदि.

ज्यादा उम्र होना

आपकी नींद पर उम्र का काफी असर पड़ता है. डॉक्टरों का कहना है कि जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपकी नींद के चक्र में बदलाव आने लगते हैं. ऐसा आम तौर पर दवाओं की वजह से होता है, क्योंकि वे आपके शरीर पर कई तरह से असर डालती हैं.

लीवर पर भी पड़ता है असर

अगर आप रात 1:00 बजे से 3:00 बजे के बीच जाग जाते हैं, तो इसकी वजह आपके लिवर का ठीक से काम न करना हो सकता है. डॉक्टर बताते हैं कि जब लिवर सही ढंग से काम नहीं करता है, तो यह खून के सही बहाव में रुकावट डालता है, जिससे कई तरह की दिक्कतें पैदा होती हैं और इनमें से एक है नींद का बार-बार टूटना भी है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना ​​है कि तनाव का सबसे ज्यादा असर लिवर पर ही पड़ता है

तनाव

अगर आप लगातार स्ट्रेश में रहते हैं, तो आपका शरीर अपने ‘सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम’ को सक्रिय कर देता है, जिसके कारण आप आधी रात को अचानक से जाग जाते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि इसकी वजह से आपके बीपी लेवल में उतार-चढ़ाव आता है और हार्ट बीट भी तेज हो जाती है. 

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी तरह का सलाह चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर या एक्सपर्ट से सलाह लें.

MORE NEWS