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Blood Glucose and Exercise: मधुमेह और बढ़ती ब्लड शुगर की समस्याओं के बीच हेल्थ एक्सपर्ट रोजाना पैदल चलने की सलाह दे रहे हैं. सवाल यह है कि आखिर साधारण सी लगने वाली यह गतिविधि ब्लड शुगर को कैसे नियंत्रित करती है? चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सीधा संबंध मांसपेशियों की कार्यप्रणाली और इंसुलिन संवेदनशीलता से होता है. आइए देखते हैं, रोजाना चलने से हमारे ब्लड शुगर पर क्या असर पड़ता है.
डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए पैदल चलना कई तरह से फायदेमंद हैं. यह शरीर द्वारा इंसुलिन के बेहतर उपयोग करना, हृदय संबंधी जोखिमों को कम करना, वजन प्रबंधन में सहायक, शारीरिक बनावट में सुधार से लेकर हेल्दी ब्लड शुगर लेवल मेंटेन करने तक कई तरह से फायदेमंद हैं.
पैदल चलने से कैसे घटती है शुगर?
इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार होता है
रोजाना पैदल चलने जैसे एक्सरसाइज, गतिविधि के दौरान और बाद में इंसुलिन के प्रति आपके शरीर की प्रतिक्रिया को बेहतर बनाते हैं, जिसका आपके ब्लड शुगर पर अच्छा प्रभाव पड़ता है.
ब्लड शुगर के अचानक वृद्धी को कम करना
भोजन करने के बाद करीब आधे घंटे टहलना भोजन के बाद ग्लूकोज के स्तर में अचानक वृद्धि अन्य समयों पर टहलने की तुलना में अधिक कम होती है, और ऐसे में थोड़े समय के लिए लगभग 10 मीनट टहलने से भी ग्लूकोज लेवल काफी हद तक कम हो सकता है.
HbA1c का कम होना
कई अध्ययनों से पता चलता है कि पैदल चलने से HbA1c (रक्त शर्करा का 3 महीने का औसत) 0.5 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक कम हो सकता है, जो एक महत्वपूर्ण कमी है और जटिलताओं को कम करती है.
वजन कम करने में कारगर
रोजाना पैदल चलना वजन को नियंत्रित करने में मददगार साबित होता है. डॉक्टरों का कहना है कि, शरीर के वजन का 5-10 प्रतिशत भी कम करने से ग्लाइसेमिक नियंत्रण बेहतर होता है. इससे आंतरिक वसा भी कम होती है, जिसका इंसुलिन प्रतिरोध से गहरा संबंध होता है.