घरों में सीलन के कारण बदबू आने लगती है. घर की सुंदरता खराब होती है और बीमारियां भी बढ़ जाती हैं. ऐसे में लोग उस लीकेज पॉइंट को ढूंढने की काफी कोशिश करते हैं और कई बार नाकाम भी हो जाते हैं. क्या आप जानते हैं कि इसके लिए कुछ मशीनें भी आती हैं, जो सीलन की जगह पता करने में मदद करती हैं.
वॉल मॉइश्चर डिटेक्टर
Wall Moisture Detector: अकसर घरों में सीलन के कारण बदबू आने लगती है. साथ ही घर की सुंदरता भी खराब हो जाती है. ऐसे में घर खोखला होने लगता है. डॉक्टर्स की मानें, तो घर में सीलन के कारण कई बार लोगों को बीमारियों का सामना भी करना पड़ता है. सीलन होना तो आम है लेकिन सबसे बड़ी परेशानी होती है ये पता करना कि आखिर लीकेज हो कहां से रही है? इसके कारण कई बार पूरे घर में तोड़फोड़ भी करनी पड़ती है. इसके बावजूद कई बार लीकेज पॉइंट नहीं मिल पाता.
हालांकि समय बदलने के साथ ही तकनीकें भी बेहतरीन हो गई हैं. बदलते युग में कुछ ऐसी मशीनें आ गई हैं जिसकी मदद से आप ये पता कर सकते हैं कि आखिर लीकेज कहां से हो रहा है. ये मशीनें घर की सीलन को दूर करने में मदद हो सकती है.
सबसे पहले हम बात करेंगे मोइश्चर मीटर की. ये एक छोटी सी हैंडहेल्ड मशीन होती है. ये छत, दीवार, फर्श और लकड़ी में मौजूद नमी का पता चल जाता है. इसमें एक पिन होता है. इसकी दो सुइयों को दीवार में लगाकर नमी का पता चल सकता है. इसके साथ ही मशीन पिनलैस टाइप का होता है. इससे दीवार को नुकसान नहीं पहुंचता है. इसकी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों से नमी का पता चलता है. इसे नमी का पता लगाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. इस मशीन की मदद से अगर किसी जगह पर सबसे ज्यादा नमी मिलती है, तो पता चलता है कि वहीं पर पानी का रिसाव और सीलन ज्यादा हो सकती है.
आज के समय में लोग वाटर लीकेज डिटेक्टर मशीन का इस्तेमाल भी करते हैं. इसमें नमी सेंसर, गैस ट्रेसिंग और इलेक्ट्रॉनिक सेंसर जैसी तकनीकों की मदद से सीलन कहां से हो रही है, इसके बारे में पता लगाया जा सकता है. ये सीलन वाले हिस्से की पहचान करने में मदद करता है. हालांकि ये मशीन थोड़ी महंगी होती है.
थर्मल इमेजिंग कैमरा का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. ये एक खास तरह का कैमरा होता है, जो सरफेस के तापमान का मैप दिखाता है. ये दीवार के अंदर का तापमान बताता है, जो सूखे हिस्सों से अलग होता है. ये रंगों में इस अंतर को दिखाता है. इससे पानी के रिसाव वाली जगह का पता लग सकता है.
अकॉस्टिक लीक डिटेक्टर एक एडवांस मशीन है, जिसनमें आवाज के जरिए पानी की लीकेज के बारे में पता किया जा सकता है. इसकी मदद से पानी की आवाज और कंपन को डिटेक्ट किया जाता है. इस मशीन में अत्यधिक संवेदनशील माइक्रोफोन और इलेक्ट्रॉनिक फिल्टर होती है, जिसकी मदद से उस आवाज को पहचाना जाता है और लीकेज संभावित जगह बताती है.
FSSAI Dabur Notice: सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में फूड रेगुलेटर ने कहा…
सूरत (गुजरात) [भारत],4 अगस्त: Management Guru के संस्थापक श्री जय पांडे द्वारा सूरत में टेक्सटाइल…
Balochistan Independence Day: बलूचिस्तान के अलगाववादी समूह ने 11 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस घोषित…
Udhayanidhi Stalin: कोर्ट ने यह फैसला सरकारी वकील की दी गई जानकारी के आधार पर…
Dr D Y Patil Family Tree: 22 अक्टूबर, 1935 को कोल्हापुर जिले के एक छोटे…
Udhayanidhi Stalin Arrested: तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर और DMK लीडर उदयनिधि स्टालिन को…