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Circadian Rhythm: आपके शरीर के अच्छी सेहत के लिए पर्याप्त नींद उतनी ही जरूरी है जितना बैलेंस्ड डाइट और रेग्यूलर एक्ससाइज. लेकिन बहुत लोगों को यह नहीं पता है कि सोने और जागने का सही समय भी आपकी हेल्थ को बहुत प्रभावी करता है. एक्सपर्ट के मुताबिक हमारा शरीर एक प्राकृतिक जैविक घड़ी यानी सर्कैडियन रिदम के अनुसार काम करता है, जो तय करती है कि हमें कब सोना चाहिए और कब जागना चाहिए.
सर्केडियन रिदम क्या है?
आपकी सर्कैडियन रिदम आपके शरीर की 24 घंटे की दिनचर्या पर आधारित कार्यप्रणाली होती है. इसे आपके शरीर की आंतरिक घड़ी का नाम दिया गया है. यह रिदम आपके शरीर को सोने और जागने का समय बताती है. यह कई दूसरी शारीरिक प्रक्रियाओं को भी प्रभावित करती है. जैसे कि हार्मोन, पाचन और शरीर का तापमान भी मैनेज होता है.
सर्केडियन रिदम क्या काम करती है?
आपकी सर्केडियन रिदम यह सुनिश्चित करती है कि आपके शरीर की प्रक्रियाएं 24 घंटे की अवधि के दौरान अलग-अलग समय पर अच्छे से कार्य करें.
रात में जागने से और दिन में सोने से पहले वाले लक्षण
- पर्याप्त नींद के बावजूद थकान होना
- बार-बार सर्दी-जुकाम या सांस संबंधी संक्रमण होना
- सिरदर्द होना
- मूड स्विंग
- सांस फूलना
- कैफीन पर बढ़ती निर्भरता
अगर नाइट शिफ्ट करते हैं तो क्या करें?
जिन लोगों को काम के कारण रात की में जॉब करना पड़ती है , उनके लिए कुछ कुछ आदतें अपनाना जरूरी हैं.
शोर को कम रखें.
सोने से पहले भारी भोजन न करें.
शिफ्ट के आखिरी हिस्से में कैफीन से बचें.
कम से कम 7–8 घंटे की बिना रुकावट नींद लें.
रोजाना एक तय समय पर सोने-जागने की कोशिश करें.
कमरे में ब्लैकआउट पर्दे लगाएं ताकि रोशनी अंदर न आए.