अगर सुबह अच्छी हो तो पूरा दिन अच्छा जाता है. हिंदू धर्म में इस बारे में कई मान्यताएं हैं जिनका हम पालन करते हैं. पुरानी परंपराओं में माना जाता है कि सुबह उठने के बाद हमें अपने हाथों की हथेलियों को देखना चाहिए, क्योंकि इससे घर में कभी भी पैसों की कमी नहीं होती. लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि सुबह उठकर सबसे पहले कौन से पैर में चप्पल पहननी चाहिए. इसे लेकर भी कई परंपराएं हैं. तो चलिए हम आपको बताते हैं कि सुबह उठकर सबसे पहले कौन सा पैर जमीन पर रखें, फिर उसमें चप्पल पहनें. जानिए इन मान्यताओं के पीछे क्या कारण है.
सबसे पहले कौन से पैर में चप्पल पहनना चाहिए?
कहा जाता है कि सुबह उठने के बाद व्यक्ति को सबसे पहले धरती को प्रणाम करके आशीर्वाद लेना चाहिए. साथ ही सुबह उठते समय सबसे पहले अपना दायां पैर जमीन पर रखना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दाईं ओर से काम करना शुभ माना गया है. इसीलिए ये सलाह दी जाती है. इस हिसाब से सुबह-सुबह सबसे पहले दाहिने पैर में ही चप्पल पहनना चाहिए.
दायां पैर रखने के पीछे ये भी है वजह
सुबह कौन सा पैर पहले रखना है और किसमें पहले चप्पल पहनना है? इसके पीछे स्वर योग विधि भी एक वजह है. कहा जाता है सुबह अपनी सांस पर ध्यान देना चाहिए. यदि आपका बायां नथुना अधिक खुला है, तो यह चिंतन का समय है. यदि दायां नथुना अधिक खुला है, तो यह गतिविधि का समय है. इसलिए बताया जाता है कि सबसे पहले उस पैर को जमीन पर रखें, जो उस नथुने से संबंधित हो जिससे श्वास आ रही हो. इसी आधार पर दायां पैर जमीन पर पहले रखने और उसमें पहले चप्पल पहनने की बात कही जाती है.
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी और सलाह जनरल नॉलेज पर आधारित है. इंडिया न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता है. न ही यह किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देता है.