सोचिये अगर आप अकेले रहते हैं और अचानक कोई ऐसी एमरजेंसी हो जाये कि आप किसी से कॉन्टैक्ट ही न कर पाएं! आज शहरों में अकेले रहने वाले युवाओं की बढ़ती भीड़ के बीच ऐसी समस्याओं का खड़ा होना लाजिमी है.
इसी समस्या के एक समाधान के रूप में चीन में एक ऐप बहुत तेजी से पॉपुलर हो रहा है. हम बात कर रहे हैं ‘Are you dead’ ऐप की. इस ऐप ने चीन के पेड ऐप चार्ट में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जो अकेले रहने वाले लोगों के बीच गुमनाम रूप से मरने के बढ़ते डर को संबोधित करता है.
कैसे काम करता है ऐप “Are You Dead?”
यह ऐप यूज़ करना बेहद सरल है. यूजर्स को हर दो दिन में एक बड़ा हरा बटन दबाना होता है, जो यह कन्फर्म करता है कि वे जिंदा हैं. यह एक तरह से अटेंडेंस लगाने जैसा है. अगर दो दिन तक बटन नहीं दबाया गया, तो ऐप स्वतः इमरजेंसी कॉन्टैक्ट (जैसे माता-पिता, दोस्त या पार्टनर) को अलर्ट भेज देता है. यह सुविधा उन लोगों के लिए खासतौर पर उपयोगी है जो शहरों में अकेले रहते हैं और बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में मदद न मिलने का डर रखते हैं.
चीन में अकेले रहने वाले युवाओं की बढ़ती आबादी इस ऐप की बड़ी संख्या में उपयोगकर्ता है.
ऐप के बारे में
मूनस्केप टेक्नोलॉजीज नाम की कंपनी के तीन युवा डेवलपर्स द्वारा इस ऐप को विकसित किया गया है. यह मई 2025 में लॉन्च हुआ था, लेकिन जनवरी 2026 में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका नाम “Demumu” रखा गया है और यह आईफोन यूजर्स के बीच खासा पॉपुलर है. इसकी कीमत मात्र 8 युआन (लगभग 95 रुपये) है.
क्यों हो रहा वायरल?
चीन के शहरी इलाकों में एकल परिवारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, करोड़ों युवा और बुजुर्ग अकेले रहते हैं, जहां लोनलीनेस और “अकेले गुजर जाने” का डर आम हो गया है. एक यूजर ने कहा, “अगर मैं अकेला इस दुनिया से गुजर गया तो शव कौन उठाएगा?” ऐप इसी भय को टारगेट करता है. चीनी सोशल मीडिया पर इसके लाखों वीडियो बने हैं, जो इसकी चर्चा कर रहे हैं.
यह ट्रेंड आधुनिक जीवनशैली की समस्याओं को दर्शाता है. चीन में वन-पर्सन हाउसहोल्ड्स बढ़ रहे हैं, खासकर युवाओं में. यह ऐप न सिर्फ सुरक्षा देता है, बल्कि सामाजिक अलगाव की समस्या को उजागर भी करता है.
विवाद और प्रतिक्रियाएं
ऐप का नाम “Are You Dead?” थोड़ा अटपटा और विवादास्पद है. कई चीनी लोक परंपराएं ऐसा मानती हैं कि इस तरह का नाम दुर्भाग्य लाता है. ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि नाम बदलने की मांग उठी है. फिर भी, इसकी फंक्शनैलिटी की सराहना हो रही है. इंटरनेट एक्सपर्ट्स इसे सोशल नेटवर्क युग में एक जरूरी जरूरत बता रहे हैं.