Fat Loss After 30: आज के समय में लोगों में तेजी से वजन बढ़नी की काफी समस्या देखने को मिल रही है. खासकर उन महिलाओं में जिनकी उम्र 30 साल से पार हो गई है. रिपोर्ट्स की मानें, तो 4 में से एक पुरुष और महिला वजन बढ़ने की समस्या से परेशान है. उम्र के बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं. एक्सपर्ट्स की मानें, तो देर तक बैठ कर काम करना, मूवमेंट कम होना, स्क्रीन टाइमलाइन बढ़ना जैसे कई कारण हो सकते हैं.
WHO के अनुसार, 50 फीसद भारतीय फिजिकल एक्टिविटी के टारगेट को पूरा नहीं कर पाते हैं. वहीं एक अन्य रिपोर्ट में पाया गया कि लगभग 40 फीसद लोगों में जरूरी न्यूट्रिएंट्स की कमी होती है. पहले के मुताबिक लोगों का खानपान बदल गया है. वर्तमान समय में लगभग 55 फीसदी भारतीय हेल्दी डाइट बजट से दूर हैं.
साइंस बेस्ड बदलाव जरूरी
- अगर आप अपने वजन को कम करना चाहती हैं, तो आपको अपने मसल लॉस को रोकना होगा. इसके लिए एक्सरसाइज करना और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए वेट लिफ्टिंग या बॉडीवेट एक्सरसाइज करना चाहिए.
- सुबह उठने के बाद आधे घंटे के अंदर लगभग 30 ग्राम प्रोटीन खाएं और लगभग आधे घंटे ही एक्सरसाइज करें.
- इस उम्र में भरपूर नींद लेना बहुत जरूरी है. आपको चाहिए कि आप 7 से 9 घंटे के बीच नींद लें. नींद की कमा के कारण कोर्टिसोल बढ़ता है और बहुत भूख लगती है, जिसके कारण वजन घटाना मुश्किल हो जाता है.
- आपको अपने खानपान में भी बदलाव करने की जरूरत है. आप अधिकतर साबुत अनाज का सेवन करें. इससे फाइबर और प्रोटीन को आहार में शामिल होंगे. ये आपको जल्दी भूख नहीं लगने देंगे.
30 की उम्र के बाद क्यों करना होता है संघर्ष?
रिसर्च्स में पाया गया है कि 30 साल की उम्र के बाद आराम करते समय चयापचय दर हर दशक में 2-3 फीसदी कम हो जाता है. इसके कारण कैलोरी बर्न कम होती हैं. साथ ही टेस्टोस्टेरोन में कमी और संभावित हार्मोनल असंतुलन होने के कारण फैट जमा होने लगता है. इस उम्र में आने तक महिलाएं पूरी तरह से परिवार का ध्यान रखने लगती हैं. इसके कारण कई तरह के तनाव हो सकते हैं. इससे स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल बढ़ जाता है और पेट के आसपास फैट जमने लगता है. वहीं भारत में अधिकतर महिलाओं में न्यूट्रिएंट्स की कमी पाई जाती है, जिसके कारण फैट गेन होता है.