PM Modi at NXT Summit 2026 Key Highlights: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 12 मार्च को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एनएक्सटी समिट 2026 में शामिल हुए. PM मोदी ने इस तीन दिवसीय वैश्विक नेतृत्व मंच पर मुख्य अतिथि के तौर पर अपना भाषण दिया. पीएम मोदी ने अपने भाषण में कई बड़ी बातें कही. उन्होंने एलपीजी से लेकर कई गंभीर मुद्दों पर अपनी बातें रखी. उन्होंने कहा कि भारत सरकार का हमेशा से हर संभव प्रयास रहा है कि युद्ध से बनी परिस्थितियों का बोझ भारत के नागरिकों पर ना पड़े.
इससे पहले समिट में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भी अपना संबोध दिया. उन्होंने कानून, शासन और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों को लेकर अपने विचार साझा किए.
बता दें कि यह समिट 12 मार्च से 14 मार्च तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है. ITV नेटवर्क की NXT पहल के तहत ‘द संडे गार्डियन फाउंडेशन’ और ‘NewsX’ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है. यह समिट दुनिया भर के राजनेताओं, राजनयिकों, वैज्ञानिकों और व्यावसायिक अधिकारियों को एक मंच पर लाता है.
पीएम मोदी ने एलपीजी को लेकर राज्य सरकारों से अनुरोध किया कि कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार का हमेशा से हर संभव प्रयास रहा है कि युद्ध से बनी परिस्थितियों का बोझ भारत के नागरिकों पर ना पड़े. इस बार भी हमारा हर संभव प्रयास होगा कि देश के किसान, देश के नागरिकों के जीवन पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े.
एनएक्सटी कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पेट्रोलियम और डीजल क्षेत्र में हमने क्षमता निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है. वर्ष 2014 से पहले भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार यानी संकट के समय उपयोग के लिए जमा किया गया कच्चा तेल बहुत कम थे. आज हमने 50 लाख टन से अधिक के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार स्थापित कर लिए हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि हाल के वर्षों में हमने ऊर्जा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया है. पेट्रोलियम पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए, हमने इथेनॉल और जैव-ईंधन पर विशेष ज़ोर दिया है. 2014 से पहले देश की इथेनॉल मिश्रण क्षमता (blending capacity) केवल 1–1.5% के आस-पास थी. आज हमने पेट्रोल में लगभग 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया है. यदि हमने ये उपाय नहीं अपनाए होते, तो हमें दूसरे देशों से 18 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल आयात करने के लिए मजबूर होना पड़ता.
एनएक्सटी समिट में पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक देश में केवल 14 करोड़ LPG कनेक्शन थे. आज यह संख्या दोगुनी से भी ज़्यादा होकर 33 करोड़ हो गई है. पिछले एक दशक में हमने अपनी LPG बॉटलिंग क्षमता को भी दोगुना कर दिया है. वितरण केंद्रों की संख्या 13,000 से बढ़कर 25,000 हो गई है. 2014 में, देश में केवल कुछ ही LNG टर्मिनल थे; अब, यह संख्या भी दोगुनी हो गई है. इसके अलावा, गैस पाइपलाइन नेटवर्क की लंबाई में भी काफ़ी विस्तार हुआ है. 2014 में लगभग 3,500 km से बढ़कर आज यह 10,000 km से ज़्यादा हो गई है. यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि हमारी लगभग 60% LPG दूसरे देशों से आयात की जाती है.