Parliament Session Key Highlights: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि सदन स्पीकर ओम बिरला के साथ है. पहली बार बोलने वालों को, जिन्हें उनकी अपनी पार्टियों ने बोलने नहीं दिया, ओम बिरला ने मौका दिया.
बजट सेशन के दूसरे फेज में बुधवार को लोकसभा में भारी हंगामा होने की पूरी संभावना है. सदन में अभी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के लाए गए नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर बहस चल रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर बहस के दौरान बोल सकते हैं.
इससे पहले मंगलवार को भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा. विपक्ष ने ओम बिरला पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें यह भी शामिल था कि वह सरकार की आवाज हैं, वहीं सरकार का कहना था कि ओम बिरला ने कभी भी पक्षपातपूर्ण व्यवहार नहीं किया. हंगामे के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.
विपक्ष ओम बिरला को पद से हटाने पर तुला हुआ है. कितने वोटों की जरूरत होगी?
ओम बिरला के खिलाफ यह नो-कॉन्फिडेंस मोशन पिछले साल फरवरी में पेश किया गया था, जिस पर करीब 118 MPs ने साइन किए थे. इस मोशन पर बहस के लिए 10 घंटे का समय रखा गया है, जिसके बाद वोटिंग होगी. मोशन पास करने के लिए विपक्ष को सिंपल मेजॉरिटी की जरूरत है.
यह प्रस्ताव कांग्रेस MP मोहम्मद जावेद ने पेश किया था, और 50 से ज़्यादा MP इसके समर्थन में खड़े हुए। BJP MP जगदंबिका पाल, जो चेयर पर थे, ने प्रस्ताव पेश करने की इजाज़त दी और बताया कि बहस के लिए 10 घंटे का समय रखा गया है. उन्होंने सदस्यों से अपनी दलीलें प्रस्ताव पर ही केंद्रित रखने का आग्रह किया. पाल ने यह भी कहा कि स्पीकर ने विपक्ष के प्रस्ताव के लिए इजाज़त देने और प्रक्रिया का पालन करने में उदारता दिखाई है. इस बीच, संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में मंगलवार को विरोध प्रदर्शन और गरमागरम बहस हुई, क्योंकि विपक्षी सदस्यों ने मिडिल ईस्ट में संघर्ष से निपटने के सरकार के तरीके पर चिंता जताई.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया है. इसके बाद अब कल यानी गुरुवार को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्पीकर ओम बिरला को लेकर लोकसभा में आएंगे. स्पीकर ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल लोकसभा में सांसदों को संबोधित भी करेंगे.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "हम भी विपक्ष में रहे हैं लेकिन तीन बार लोकसभा स्पीकर पर अविश्वास प्रस्ताव आया, भाजपा और NDA कभी विपक्ष में रहते हुए स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाई."
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "जब आप अध्यक्ष की निष्ठा पर सवाल करते हैं तो आप अजीब प्रकार की स्थिति का निर्माण कर देते हैं. जिसको मध्यस्थता करनी है, जिसका संरक्षण लोकसभा के कार्यकाल की समाप्ति तक आपको मांगना है उसकी निष्ठा पर ही आप सवाल कर देते हैं? ये हमारी उच्च परंपराओं के निर्वहन में करने के लिए बहुत अफसोसजनक घटना है."
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "सदन आपसी विश्वास से चलता है. पक्ष-विपक्ष दोनों के लिए सदन के स्पीकर अभिरक्षक होते हैं, उन्हें लोकसभा कैसे चलानी है, इसके लिए इसी लोकसभा ने कुछ नियम बनाए हैं... सदन के अंदर सदन के नियमों के अनुसार बोलना होता है. सदन के नियम जिसकी अनुमति नहीं देते हैं उस हिसाब से किसी को बोलने का अधिकार नहीं है, चाहे वह कोई भी हो. जब आप नियमों को नज़रअंदाज करेंगे तो स्पीकर का पवित्र दायित्व है कि उसे रोके, टोके और निकाल कर बाहर करें. यह नियम हमने नहीं बनाए, यह नेहरू जी के समय से चले आ रहे हैं."
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "लोकसभा स्पीकर के सामने जो अविश्वास प्रस्ताव आया है इस पर मेरे विचार व्यक्त करने के लिए मैं खड़ा हुआ हूं. ये घटना कोई सामान्य घटना नहीं है. करीब 4 दशक बात एक बाद फिर से लोकसभा अध्यक्ष के सामने अविश्वास प्रस्ताव आया है. संसदीय राजनीति और ये सदन दोनों के लिए ये अफसोसजनक घटना है. स्पीकर किसी दल के नहीं होते हैं सदन के होते हैं. एक प्रकार से सदन के सभी सदस्यों के अधिकार के वे संरक्षक भी होते हैं."