Somnath Swabhiman Parv Live: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं. रविवार को पीएम ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे. इस कड़ी में पीएम ने रविवार को ‘शौर्य यात्रा’ का नेतृत्व किया. यह गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक औपचारिक शोभा यात्रा है. रविवार को पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहन पर खड़े होकर एक किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान जनता का हाथ हिलाकर अभिवादन किया. इसके बाद, मोदी सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे. वहीं, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित इस यात्रा में 108 घोड़ों की झांकी निकाली गई जो वीरता और बलिदान का प्रतीक है. प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए यात्रा मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग और श्रद्धालु जमा हुए थे.
इससे पहले शनिवार को वह सोमनाथ पहुंचे थे. जहां उन्होंने देर शाम सोमनाथ मंदिर में ‘ॐकार मंत्र’ के जाप में भाग लिया था. यह शौर्य यात्रा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में शुरू हुई. इसमें 108 घुड़सवार शामिल हुए. प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में अनेक मंच बनाए गए थे, जहां देश के विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक कलाकारों ने नृत्य किया.
#WATCH | राजकोट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में ट्रेड शो और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 11, 2026
(सोर्स: ANI/DD) pic.twitter.com/pFBT9aEPwQ
Somnath Swabhiman Parv Live Update: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमारे धर्म के प्रति ईमानदार कोई भी व्यक्ति ऐसी कट्टरपंथी सोच का समर्थन नहीं करेगा लेकिन तुष्टीकरण के ठेकेदारों ने हमेशा इस कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेके। जब भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हुआ, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निमाण की शपथ ली तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के यहां आने पर भी आपत्ति जताई गई... आज भी हमारे देश में वह ताकतें मौजूद और पूरी तरह सक्रिय हैं जिन्होंने सोमनाथ पुनर्निमाण का विरोध किया। आज तलवारों की जगह दूसरे कुच्छित तरीके से भारत के खिलाफ षड्यंत्र हो रहे हैं इसलिए हमें ज्यादा सावधान रहना है, हमें खुद को शक्तिशाली बनाना है, हमें एकजुट रहना है..."
Somnath Swabhiman Parv Live Update: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "अगर किसी देश के पास 100 साल पुरानी विरासत होती है तो वह देश उसे अपनी पहचान बनाकर दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, वहीं भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्यस्थान है... लेकिन दुर्भाग्य से आज़ादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की, उस इतिहास को भूलाने के प्रयास हुए। हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए देश ने कैसे-कैसे बलिदान दिए थे... कितने ही नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है लेकिन दुर्भाग्य से इसे कभी उतना महत्व नहीं दिया गया बल्कि आक्रमण के इतिहास को भी कुछ राजनेताओं और इतिहासकारों द्वारा व्हाइटवॉश करने की कोशिश की गई..."
Somnath Swabhiman Parv Live Update: पीएम मोदी ने कहा, "सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का इतिहास नहीं है, यह विजय और पुनर्निमाण का है. हमारे पूर्वजों के पराक्रम का है, हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान का है। आक्रांता आते रहे लेकिन हर युग में सोमनाथ पुन: स्थापित होता रहा, इतनी सदियों का संघर्ष, इतना महान धैर्य, सृजन और पुनर्निमाण का यह जीवट, दुनिया के इतिहास में ऐसा उदाहरण मिलना मुश्किल है."
Somnath Swabhiman Parv Live Update: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो बार-बार मन में प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1000 वर्ष पहले, ठीक इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा?... अपनी आस्था, अपने विश्वास, अपने महादेव के लिए हमारे पुरखों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। 1000 साल पहले वह आक्रंता सोच रहे थे कि हमें जीत लिया कि आज 1000 साल बाद भी सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, उसका सामर्थ्य क्या है... यहां का कण-कण वीरता और साहस का साक्षी है..."